Himanshu Bhau Arrest News: हरियाणा के रोहतक के एक गांव से निकला हिमांशु भाऊ आज दिल्ली-NCR और हरियाणा के संगठित अपराध से जुड़े उन नामों में शामिल है, जिनकी तलाश भारतीय एजेंसियां लंबे समय से कर रही थीं। हत्या, रंगदारी, जानलेवा हमले और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में वॉन्टेड हिमांशु भाऊ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़े जाने की खबर है। अब भारतीय एजेंसियों की नजर दोनों को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पर है।
कई सालों से हिमांशु भाऊ का नाम कई अपराधों में सामने आ चुका है और वह कई मामलों में वॉन्टेड है। मगर एक सवाल लोगों के जेहन में आता है कि आखिर हिमांशु भाऊ कौन है? महज कुछ सालों में उसका नाम हरियाणा के आपराधिक गिरोहों से निकलकर दिल्ली-NCR की कई चर्चित वारदातों और विदेश से संचालित आपराधिक नेटवर्क तक कैसे पहुंचा? उसकी कहानी समझने के लिए रोहतक से शुरू हुए उसके आपराधिक सफर के बारे में जानना होगा।
रोहतक के गांव से अपराध की दुनिया तक
हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया बताया जाता है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है। कम उम्र में ही उसका नाम गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आने लगा था। अगस्त 2023 में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश समेत 18 मामले दर्ज थे। बाद में उसके खिलाफ 30 से अधिक मामलों का जिक्र किया गया। साल 2020 में वह हिसार के एक किशोर सुधार गृह से फरार हो गया था। इसके बाद उसका नाम हरियाणा और दिल्ली में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ता गया। उस पर स्थानीय सहयोगियों के जरिए वारदात कराने और कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगे।
इंटरपोल का रेड नोटिस, फिर विदेश में छिपा
हिमांशु भाऊ की तलाश सिर्फ हरियाणा पुलिस तक सीमित नहीं रही। अगस्त 2023 में इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। रोहतक पुलिस के मुताबिक उस समय उसके खिलाफ रोहतक में 10, झज्जर में सात और दिल्ली में एक मामला दर्ज था। पुलिस ने उस पर फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट हासिल करने का भी आरोप लगाया था। उसके भारत से बाहर जाने और पुर्तगाल से अपना नेटवर्क संचालित करने का जिक्र आया। विदेश में रहने के बावजूद वह भारत में मौजूद सहयोगियों के संपर्क में रहता था और रंगदारी और धमकी से जुड़े मामलों में उसकी भूमिका रही।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दुश्मनी और चर्चित वारदातें
हिमांशु भाऊ का नाम जिस वजह से लगातार सुर्खियों में रहा, उनमें अलग-अलग आपराधिक गिरोहों के बीच दुश्मनी और दिल्ली-NCR में हुई गोलीबारी की घटनाएं शामिल हैं। उसे नीरज बवाना और नवीन बाली से जुड़े नेटवर्क के करीब बताया गया है। वहीं, उसके गिरोह को लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क का प्रतिद्वंद्वी भी बताया जाता रहा है। अगस्त 2025 में गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर गोलीबारी की घटना के बाद हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया से जुड़े गिरोह का नाम सामने आया था। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए गिरोह से जुड़े लोगों ने घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। दिल्ली पुलिस ने बाद में इस मामले में शूटरों को गिरफ्तार किया।
अब अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद क्या होगा?
हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़े जाने की खबर है। दोनों की गिरफ्तारी लास वेगास में हुई और भारतीय एजेंसियों से साझा की गई खुफिया जानकारी के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कार्रवाई की। अब सबसे अहम सवाल है कि दोनों को भारत कब लाया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद भारत लाने की प्रक्रिया अपने आप पूरी नहीं हो जाती। इसके लिए संबंधित अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के बीच कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। भारत में दर्ज मामलों में पूछताछ और मुकदमे आगे बढ़ाने के लिए भारतीय एजेंसियों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।

