IAS Transfer: पंजाब सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 IAS और 6 PCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी आदेशों के तहत कई जिलों के उपायुक्त बदले गए हैं, वहीं महत्वपूर्ण विभागों में भी नए सचिवों की तैनाती की गई है।
आदेश के अनुसार IAS अधिकारी आदित्य डेचलवाल को रोपड़ (रूपनगर) का नया डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं विजय नामदेव राव को वित्त विभाग के सचिव पद के साथ-साथ प्रवासी भारतीय मामलों के विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। IAS गुलप्रीत सिंह औलख को नवांशहर का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया है, जबकि IAS वरजीत वालिया को पटियाला का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा IAS नीरू कत्याल गुप्ता को लुधियाना नगर निगम का नया कमिश्नर लगाया गया है।
सरकार ने शहरी विकास और योजना से जुड़े विभागों में भी अहम बदलाव किए हैं। IAS साक्षी साहनी को ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) का मुख्य प्रशासक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य प्रशासक, शहरी योजना एवं विकास प्राधिकरण तथा निदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
ग्रामीण विकास और सहकारिता जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी IAS अजीत बालाजी जोशी को दी गई है। उन्हें प्रमुख सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग नियुक्त किया गया है, साथ ही प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। IAS अभिनव त्रिखा को सचिव, वित्त विभाग बनाया गया है, जबकि IAS कंवलप्रीत बराड़ को सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग नियुक्त किया गया है। उन्हें आयुक्त, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी बदलाव किया गया है। IAS कुमार अमित को विशेष प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पंजाब नियुक्त किया गया है और उन्हें प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। IAS विमल कुमार सेतिया को सचिव, गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। IAS प्रीति यादव को प्रबंध निदेशक, मार्कफेड नियुक्त किया गया है। वहीं IAS परमवीर सिंह को विशेष सचिव, माल एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है, साथ ही उन्हें निदेशक, भूमि अभिलेख का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का असर प्रशासनिक स्तर पर देखने को मिलेगा।
