Haryana News: हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के सफल व पारदर्शी संचालन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है। 4 और 5 जुलाई को संचालित होने वाली एचटेट परीक्षा की जानकारी देने के लिए वीरवार को भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में शिक्षा बोर्ड चेयरमैन ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार वार्ता के दौरान चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। इस बार एचटेट परीक्षा में अभ्यर्थियों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अढाई गुणा से भी अधिक है, जो प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के प्रति उनके बढ़ते कदम को दर्शाता है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि इस वर्ष प्रदेशभर के 383 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2 लाख 33 हजार 294 अभ्यर्थी परीक्षार्थी देंगे। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने परीक्षा को तीन अलग-अलग स्तरों में विभाजित किया है। जिसके तहत 4 जुलाई को सांयकालीन सत्र में लेवल-3 (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) की परीक्षा होंगी। जिसमें 73 हजार 91 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वही 5 जुलाई को प्रात:कालीन सत्र में लेवल-2 (ट्रेंड गु्रजेएट टीचर) की परीक्षा एक लाख 19 हजार 141 तथा 5 जुलाई को ही सांयकालीन सत्र में लेवल-1 (प्राईमरी टीचर) की परीक्षा में 41 हजार 62 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बीएसईएच डॉट ओआरजी डॉट इन पर जाकर अपने आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, ताकि वे समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकें।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने साफ किया कि परीक्षा केंद्रों पर ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से कोई समझौता नहीं होगा। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बोर्ड की ओर से एक प्रतिनिधि और जिला प्रशासन की ओर से एक राजपत्रित अधिकारी की तैनाती रहेगी। नकल रोकने के लिए प्रभावशाली उडऩदस्तों का गठन किया गया है। ये दस्ते केंद्रों पर जाकर जैमर, बायोमेट्रिक डेटा कैप्चरिंग, वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच करेंगे। चेयरमैनेन ने बताया कि परीक्षा केंद्र के भीतर तैनात स्टाफ के लिए गले में फोटोयुक्त पहचान-पत्र लटकाना अनिवार्य होगा। बिना आई-कार्ड किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा 3 से 5 जुलाई तक हर जिले के शिक्षा कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम काम करेगा, जिसमें 1 अधिकारी, 2 सहायक और 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे। यह जिला कंट्रोल रूम सीधे बोर्ड मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से जुड़ा रहेगा और परीक्षा खत्म होते ही उडऩदस्तों की रिपोर्ट सीधे बोर्ड को भेजेगा।
नेत्रहीन और दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से कुल 50 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में मंगलसूत्र पहनने, बिंदी और सिंदूर लगाने की पूरी छूट होगी। हालांकि, इसके अलावा अन्य कोई भी आभूषण ले जाने की अनुमति नहीं होगी सिर्फ सिख अभ्यर्थियों को उनके धार्मिक आस्था के प्रतीकों को साथ ले जाने की अनुमति रहेगी।


