हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के तेजी से सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई इलाकों में अगले 3 से 4 घंटों के भीतर घने बादल छा सकते हैं। बुधवार सुबह 22 जनवरी से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है। राजस्थान और पंजाब से सटे सिरसा जिले में हल्के बादल दिखाई देने लगे हैं, जबकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ घंटों में बादल और अधिक घने हो जाएंगे।
मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने इस बदलाव को प्रदेश की सर्दियों की पहली बड़ी मौसमी हलचल बताया है। विभाग के अनुसार, 22 जनवरी को हरियाणा के कई जिलों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। इसे देखते हुए अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और सिरसा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से सरसों और गेहूं की फसल पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें।
तेज बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति में आम जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने, बिजली आपूर्ति में बाधा और ठंड के बढ़ते प्रकोप से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम उत्तर भारत के कई राज्यों को प्रभावित करेगा, जिसका असर हरियाणा में सबसे पहले दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। आने वाले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड और अधिक बढ़ने के आसार हैं।

