Assam Assembly Elections, (द भारत ख़बर), गुवाहाटी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज गुवाहाटी में 2026 के असम विधानसभा चुनावों के लिए अपना ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) जारी कर दिया। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और दो लाख नौकरियों का वादा किया।
‘लव जिहाद’ के खिलाफ उठाएंगे कड़े कदम : सरमा
मुख्यमंत्री ने कहा, हम असम में यूसीसी लागू करेंगे, जिसमें छठी अनुसूची और एसटी क्षेत्रों को छूट दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा, हम ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे। हम असम को बाढ़-मुक्त बनाने की कोशिश करेंगे, और पहले दो वर्षों में हम 18,000 करोड़ रुपए खर्च करेंगे। हम अगले 5 वर्षों में 2 लाख नौकरियां देंगे। हम ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय, एक इंजीनियरिंग कॉलेज’ बनाना चाहते हैं।
सुरक्षित असम, विकसित असम : दिलीप सैकिया
असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा, 2026 का चुनाव असम के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भाजपा इस चुनाव को एक सुरक्षित असम बनाने के लक्ष्य के साथ लड़ रही है। उन्होंने कहा, हमारा ‘संकल्प’ एक सुरक्षित असम, एक विकसित असम बनाना है। संकल्प पत्र तैयार करने के लिए हमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से 2.45 लाख सुझाव मिले।
10 वर्ष में जीडीपी तीन गुना बढ़ा : सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने कहा, असम के लिए भाजपा का घोषणापत्र एक दशक की उपलब्धियों पर आधारित है। उन्होंने बीजेपी सरकार में असम की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला। वित्त मंत्री ने कहा, जब मैं केंद्रीय वित्त मंत्री के नजरिए से असम को देखती हंू, तो पिछले 10 सालों में राज्य में ऐसे बदलाव आए हैं, जो कांग्रेस के 6 दशकों के शासन में कभी नहीं हो पाए थे। 2015-16 में असम की राज्य जीडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपए थी जो 2025-26 में यह बढ़कर 7.41 लाख करोड़ रुपए हो गई है। एक दशक में यह 3.3 गुना की बढ़ोतरी है। आज असम राज्यों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यहां प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 1.03 लाख रुपए से बढ़कर 2024-25 में 1.59 लाख रुपए हो गई है।
केंद्रीय करों में असम का हिस्सा 50,000 करोड़ हुआ
कांग्रेस के शासन में केंद्रीय करों में असम का हिस्सा 10,000 करोड़ रुपए था, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा 50,000 करोड़ रुपए है। 2014 से अब तक, असम को केंद्र से कुल 5.61 लाख करोड़ रुपए मिले हैं, जिसमें करों का बंटवारा और अनुदान शामिल हैं। असम को केंद्र से 50 साल के लिए 27,000 करोड़ रुपए का ब्याज-मुक्त ऋण मिला है। जब आप ‘डबल-इंजन सरकार’ की बात करते हैं, तो यही वे कारण हैं। सीतारमण ने कहा, हम केवल युवाओं के लिए रोजगार ही पैदा नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक ऐसा उन्नत और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी माहौल भी बना रहे हैं, जहां दुनिया भर में मौजूद असम की प्रतिभाएं वापस लौटना पसंद कर रही हैं।
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