ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए अब बार-बार बाजू पर मशीन का पट्टा कसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. IIT मंडी और AIIMS बिलासपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया उपकरण तैयार किया है, जो केवल सांस छोड़ने से ब्लड प्रेशर का अनुमान लगा सकता है. इस तकनीक को ‘वोकप्रेसनेट’ (Vocpressnet) नाम दिया गया है.
सांस के जरिए कैसे होगी जांच?
जब कोई व्यक्ति सांस छोड़ता है तो उसमें कई तरह के वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VOCs) मौजूद होते हैं. ये शरीर में होने वाली अलग-अलग जैविक प्रक्रियाओं से जुड़े होते हैं. वैज्ञानिकों ने इसी आधार पर ये तकनीक विकसित की है. डिवाइस सांस में मौजूद इन तत्वों को चेक करता है. इसके बाद मरीज की उम्र, लिंग और हार्ट रेट जैसी जानकारी को भी ध्यान में रखा जाता है. एआई और मशीन लर्निंग की मदद से इन आंकड़ों का विश्लेषण करके ब्लड प्रेशर का अनुमान लगाया जाता है.
नार्मल बीपी मशीन से अलग है
अभी ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए आमतौर पर बाजू पर कफ बांधने वाली मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. इससे कुछ लोगों को असहजता महसूस होती है. इसके अलावा हाथ या उंगली की हलचल से कुछ स्थितियों में रीडिंग प्रभावित हो सकती है. वोकप्रेसनेट में कफ की जरूरत नहीं होती. वैज्ञानिकों के अनुसार ये नॉन-इनवेसिव तकनीक है और शरीर की हलचल से होने वाली रुकावटों को कम करने के लिए डिजाइन की गई है.
परीक्षण में मिली अच्छी सटीकता
टेस्ट के दौरान इस तकनीक ने सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर के लिए 7.99 mmHg और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के लिए 5.21 mmHg की सटीकता दर्ज की. हालांकि, ये तकनीक अभी शोध और विकास के चरण में है और इसे आम मरीजों के लिए पारंपरिक ब्लड प्रेशर जांच का ऑप्शन मानने से पहले आगे के परीक्षण जरूरी होंगे.
IIT मंडी और AIIMS बिलासपुर की पहल
इस तकनीक को IIT मंडी के प्रोफेसर डॉ. वरुण दत्त, डॉ. अर्णव भावसार और शोधार्थियों ऋतिक शर्मा, शिवानी शर्मा व यशवंत कुमार ने AIIMS बिलासपुर के डॉ. विक्रांत कंवर और डॉ. भूपेंद्र कुमार के साथ मिलकर विकसित किया है. इस शोध को IEEE Access में पब्लिश किया गया है. टीम ने मलेशिया में हुए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी इस तकनीक को प्रस्तुत किया. संस्थान की ओर से इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है.

