SC Collegium Recommends 3 New Judges: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को शीर्ष कोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति के लिए हाई कोर्ट के तीन मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की। इनमें गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं। यह सिफारिश कॉलेजियम की 28 सितंबर को हुई बैठक में की गई। अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की ओर से जजों की औपचारिक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होगी।
इन तीन नामों की भेजी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी प्रस्ताव में तीनों नाम और उनके वर्तमान पद स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस हैं और उनका पैरेंट हाई कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं और उनका पैरेंट हाई कोर्ट भी इलाहाबाद हाई कोर्ट है। वहीं न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं और उनका पैरेंट हाई कोर्ट झारखंड हाई कोर्ट है। अगर इन तीनों की नियुक्ति औपचारिक रूप से अधिसूचित हो जाती है, तो सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो जाएगी।

कौन हैं जस्टिस सुनीता अग्रवाल?
न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल वर्तमान में गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस हैं। उनका जन्म 30 अप्रैल 1966 को हुआ था। उन्होंने 1986 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से B.Sc. और इसके बाद अवध यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। वह दिसंबर 1990 में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुईं और इलाहाबाद हाई कोर्ट में सिविल, रिट, ओरिजिनल और कमर्शियल मामलों में वकालत की। उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 6 अगस्त 2013 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। करीब 12 साल इलाहाबाद हाई कोर्ट में रहने के बाद 23 जुलाई 2023 को उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली।
कौन हैं जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय?
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस हैं। उनका जन्म 16 जून 1965 को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में हुआ था। उन्होंने 1991 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से LLB की और उसी वर्ष अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में मुख्य रूप से सिविल और संवैधानिक मामलों में प्रैक्टिस की। मई 2007 में उन्हें उत्तर प्रदेश का चीफ स्टैंडिंग काउंसिल नियुक्त किया गया। इसके बाद 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश बने और 2013 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 29 जुलाई 2023 को उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली और जनवरी 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर स्थानांतरित हुए।
कौन हैं जस्टिस अपरेश कुमार सिंह?
न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह फिलहाल तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं। उनका जन्म 7 जुलाई 1965 को हुआ। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA और LLB किया तथा 1990 में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन कराया। उन्होंने 1990 से 2000 तक पटना हाई कोर्ट और इसके बाद झारखंड हाई कोर्ट में वकालत की। उन्हें जनवरी 2012 में झारखंड हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और जनवरी 2014 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक वह झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। अप्रैल 2023 में उन्होंने त्रिपुरा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली और जुलाई 2025 में उनका तबादला तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर हुआ।

