नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. ये सभी जंतर-मंतर के प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल में बिना अनुमति इजाजत जाने के आरोप में पकड़े गए थे. दिनभर तीनों और इनके साथ पकड़े गए प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने अलग रखा था. पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं को गुरुवार को मंदिर मार्ग स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा.
पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की है. आपको बता दें कि पुलिस किसी अपराध को होने से रोकने के लिए बिना वारंट किसी व्यक्ति को हिरासत में ले सकती है. इस प्रावधान के तहत मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना किसी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता.
#BREAKING: Delhi Police arrests Saurav Das, Ashutosh Ranka, and Ajinkya Shinde at Parliament Street Police Station in today’s Jantar Mantar case.
Trespass, bond violation, obstruction of public official’s duty, etc.
They’ll be produced before the SCM Court in the morning. A possibility of Judicial Custody (JC) in the Tihar Jail is possible.
They were not allowed to meet their lawyers till late at night. They were brought to Parliament Street PS at 3 AM in a private van.
Despite these illegal actions, their spirits are high.
@Cockroachisback
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 13, 2026
एक दिन पहले ही जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला लिया गया था. इसे लेकर CJP के नेताओं ने मंगलवार को वहां पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान पार्टी के कुछ कार्यकर्ता हाथों में झंडे लेकर गेट पार करते हुए प्रदर्शन स्थल में दाखिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए. उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ उनकी कुछ देर तक कहासुनी भी हुई. इसके बाद पुलिस ने तीनों नेताओं समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस हिरासत में तीनों नेता बने हुए हैं, जबकि CJP के बाकी 11 कार्यकर्ताओं को बाद में जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया.
इस मामले को लेकर CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने तीनों नेताओं को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया है. नेताओं पर अतिक्रमण, बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी अधिकारी के कर्तव्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं. रत्ना सिंह ने कहा कि तीनों नेताओं को सुबह विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया. जाएगा उन्होंने यह आशंका भी जताई कि नेताओं को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है.
रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि देर रात तक नेताओं को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उनके मुताबिक तीनों को रात करीब 3 बजे एक निजी वैन से संसद मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया था. उनका कहना था कि इन कार्रवाइयों के बावजूद नेताओं का मनोबल ऊंचा है. हिरासत और पुलिस कार्रवाई को लेकर CJP की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है.

