Close Menu
    What's Hot

    जिसे कभी नहीं मिला इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका, पाकिस्तान ने उसे बनाया बल्लेबाजी कोच, कौन हैं माइकल स्मिथ? | Sports

    August 4, 2026

    CM मान ने विधानसभा में नौजवानों का मुद्दा उठाया; बोले- पंजाब सरकार जेन-जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है

    August 4, 2026

    UP को मिल सकता है नमो भारत ट्रेन के 4 नए रूट का तोहफा, पूरी पश्चिमी यूपी में बिछेगा जाल

    August 4, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      UP को मिल सकता है नमो भारत ट्रेन के 4 नए रूट का तोहफा, पूरी पश्चिमी यूपी में बिछेगा जाल

      August 4, 2026

      नदियों में बह रहा तेजाबी पानी! राजस्थान सरकार को SC ने लगाई फटकार, नागरिकों को जहर देना शर्मनाक

      August 4, 2026

      तमिलनाडु में पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन रिहा

      August 4, 2026

      आतंकी हमले के बाद हरकत में आया जम्मू-कश्मीर प्रशासन, प्रवासी मजदूरों के लिए क्लस्टर बनेंगे

      August 4, 2026

      मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी ! पिछले 7 साल में 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए, 17 हजार करोड़ की संपत्तियां जब्त | National

      August 4, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Tuesday, August 4
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»पंजाब»CM मान ने विधानसभा में नौजवानों का मुद्दा उठाया; बोले- पंजाब सरकार जेन-जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है
    पंजाब

    CM मान ने विधानसभा में नौजवानों का मुद्दा उठाया; बोले- पंजाब सरकार जेन-जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है

    श्वेता चौहानBy श्वेता चौहानAugust 4, 2026No Comments11 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link


    • अपने हक मांग रही जेन-ज़ी पर पैलेट गनों और अश्रु गैस के गोले दागना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण: मुख्यमंत्री 
    • उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, गुजरात और बिहार सहित जहां भी भाजपा सत्ता में है, वहां पेपर लीक हो रहे हैं : मान
    • आप सरकार के साढ़े चार सालों के कार्यकाल के दौरान पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ: सीएम

    चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा ने आज जेन-ज़ी (नौजवान पीढ़ी) के साथ दृढ़ता से खड़े होते हुए और देश के नौजवानों पर हो रहे जुल्मों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए देश भर में एक के बाद एक पेपर लीक के मामलों के खिलाफ जुबानी वोट से निंदा प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव पर बहस को समेटते हुए और फिर मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के राज में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, जबकि इंसाफ मांगने वालों को जवाबदेही की बजाय अश्रु गैस के गोलों, पैलेट गनों और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

    मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार यह निंदा प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी, जिसमें केंद्र को पेपर लीक के मामलों को रोकने और देश की शिक्षा प्रणाली की मजबूती के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।

    देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश को विश्वगुरु बनाने का दावा करने वालों ने देश भर में एक के बाद एक हो रहे पेपर लीक के मामलों को रोकने में अपनी नाकामी से शिक्षा प्रणाली का मजाक बना दिया है। पेपर लीक यानी परीक्षा पत्र की बिक्री, परीक्षार्थियों के सपनों को तोड़ देती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि नीट परीक्षा के 22 उम्मीदवारों ने निराशा में खुदकुशी तक कर ली। उन्होंने कहा कि जब से (साल 2014) भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली है, देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं।”

    पेपर लीक से संबंधित आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2019 से 2024 के बीच पेपर लीक के ऐसे मामलों की संख्या 65 थी और सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा के नेतृत्व वाली राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की सरकारों में हुए। प्रधानमंत्री, जो छात्रों को परीक्षाओं में बैठने के नुस्खे बताते रहते हैं, पेपर लीक रोकने में नाकाम रहे हैं। उस प्रधानमंत्री से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिसकी अपनी डिग्री का ही कोई पता नहीं है।”

    छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “ये नेता अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए स्कूल पाठ्यक्रम को बदल रहे हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के छात्रों ने प्रधानमंत्री को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर कर दिया, जो देश में पेपर लीक रोकने में पूरी तरह असफल रहे। छात्रों के खिलाफ अश्रु गैस, जोरदार पुलिस बल, पैलेट गनों और अन्य पैतरों के इस्तेमाल के दौरान केंद्र सरकार की धौंसशाही बेहद निंदनीय है।”

    इस मुद्दे पर बात जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूरी दुनिया में पैलेट गनों पर पाबंदी है, लेकिन केंद्र सरकार ने निर्दोष छात्रों के खिलाफ बेरहमी से इनका इस्तेमाल किया है। परीक्षाओं को निष्पक्षता से करवाने का वादा करने की बजाय, प्रधानमंत्री लोगों को गुमराह करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का वादा कर रहे हैं। यह सिस्टम का मजाक बनाना नहीं तो और क्या है कि केंद्र सरकार परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए रक्षा सेवाओं का सहयोग ले रही है।”

    छात्रों और उनके परिवारों पर पेपर लीक के पड़ने वाले प्रभावों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पेपर लीक होने के कारण छात्रों को घोर संताप झेलना पड़ता है। ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अपने परिवारों की उम्मीद होते हैं। हालांकि, जब ऐसे पेपर लीक के नाम पर अमीर लोगों को बेचे जाते हैं, तो आम छात्रों/परीक्षार्थियों के सपने चकनाचूर हो जाते हैं। ये नेता देश के नौजवानों के भविष्य से खेल रहे हैं, जिसके कारण जेन-ज़ी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन पर बहुत अत्याचार हुए।”

    मौजूदा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे पेपर लीक देश की शिक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं और इसीलिए हमारे देश की डिग्रियों की विदेशों में कोई कदर नहीं है। इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की बजाय केंद्र सरकार उनका बचाव कर रही है। प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी करना सिखाते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी सरकार अधीन आने वाली संस्थाओं को कभी यह नहीं सिखाया कि पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ परीक्षाएं कैसे करवाई जाती हैं।”

    केंद्र के समूचे कार्यकाल के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की विदेश नीति देश के हितों और अखंडता की रक्षा में बुरी तरह असफल रही है। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में बैठे लोग देश की नीतियों में दखल दे रहे हैं। यह देश में बन रहे बेहद घिनौने और बुरे हालातों की झलक है क्योंकि केंद्र सरकार अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह फेल हो चुकी है।”

    बहस के बाद अपनी सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार आज विधानसभा में यह निंदा प्रस्ताव लेकर आई है। पारित किया गया यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि देश की शिक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही दखलंदाजी और नीट जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मुद्दा उनके ध्यान में लाया जा सके।”

    जांच के बावजूद बार-बार होते पेपर लीक का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन पेपरों के लीक होने के कारण करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। हर बार सीबीआई जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन किसी को सजा नहीं मिलती। यह महज एक रस्म बनकर रह गया है। अब भी प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि मामले का फैसला फास्ट-ट्रैक अदालतों में किया जाएगा। इसका मतलब है कि पेपर लीक होते रहेंगे और केवल केसों के फैसले बाद में होते रहेंगे।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज परीक्षाएं करवाने के लिए फौज की मदद ली जा रही है। इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है? हम विश्वगुरु बनने के दावे करते हैं, लेकिन हम अपनी परीक्षाएं भी सही ढंग से नहीं करवा पा रहे। बार-बार पेपर लीक होने से जिन छात्रों ने भारत से ईमानदारी से एमबीबीएस, वेटरनरी, इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर डिग्रियां हासिल भी की हैं, जब वे विदेश जाते हैं तो उन्हें दोबारा पढ़ने या नए टेस्ट पास करने के लिए कहा जाता है। विदेशी संस्थानों और कंपनियों का कहना है कि उन्हें हमारी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं है। फिर भी ये लोग भारत को विश्वगुरु बनाने की बातें करते हैं।”

    पीड़ित छात्रों के लिए इंसाफ की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस पूरे घटनाक्रम की पुरजोर निंदा करते हैं। अपने हकों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज किए गए केस तुरंत वापस लिए जाएं। केंद्र सरकार के वादे मुताबिक खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। भारत सरकार को यह भी यकीनी बनाना चाहिए कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कभी न दोहराई जाएं।”

    बहस के दौरान कांग्रेस के रवैये पर निराशा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस को छोड़कर सदन के लगभग हर सदस्य ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। कांग्रेस ने बहस का बहिष्कार करने का रास्ता चुना। यह बहुत अफसोसजनक है कि जब देश भर के छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं तो कांग्रेस बार-बार होते पेपर लीक जैसे अहम मुद्दे पर भी उनके साथ नहीं खड़ी हुई। उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर नौजवानों के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ बोलने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने वाकआउट करना मुनासिब समझा।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज जब मैं विधानसभा में बोल रहा था तो विरोधी दल की सीटें खाली पड़ी थी। यह 2027 की एक झलक है। इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस में हिस्सा लेने की बजाय उन्होंने कार्रवाई का बहिष्कार किया। एक तरफ उनके नेता शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हैं और दूसरी तरफ जब उन्हें सदन में उसी मुद्दे पर बहस करने का मौका मिलता है तो वे वाकआउट कर जाते हैं।”

    परीक्षाओं के मामले में पंजाब के रिकॉर्ड को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार के पिछले चार सालों से ज्यादा के कार्यकाल के दौरान पंजाब में पेपर लीक की एक भी घटना नहीं हुई। कुछ परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले सामने आए थे, लेकिन वे मामले सरकार द्वारा खुद ही पकड़े गए थे। चाहे किसी ने नकल करने के लिए डिजिटल उपकरणों, स्कैनिंग पेन या किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया हो, सख्त कार्रवाई की गई, एफआईआर दर्ज की गईं और दोषियों को जेल भेजा गया। नकल करना और पेपर लीक होना, दो अलग-अलग बातें हैं और विरोधी दल जानबूझकर इन दोनों को उलझाने की कोशिश कर रहा है।”

    परीक्षा से संबंधित अपराधों में शामिल गिरोहों पर की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे मामलों में शामिल गिरोहों की पहचान करके कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं के दौरान हरियाणा से चल रहे गिरोहों को गिरफ्तार किया गया था। मेरे पास पूरी सूची है जो दर्शाती है कि सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में हुए हैं।”

    पंजाब की पारदर्शी भर्ती नीति पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में सरकारी नौकरियां पाने के लिए सिर्फ योग्यता (मेरिट) ही एकमात्र मापदंड है। कोई सिफारिश नहीं, कोई रिश्वत नहीं, पारदर्शी तरीके से केवल मेरिट के आधार पर ही सरकारी नौकरियां दी जाती हैं। अब तक नौजवानों को 68,000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।”

    शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाया है और व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया है।”

    शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन प्रयासों के परिणामस्वरूप स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब अग्रणी बनकर उभर रहा है। भारत सरकार की मुख्य संस्थाओं में से एक, नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले चार सालों से प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, और आज पंजाब शिखर पर खड़ा है। पहले केरल पहले नंबर पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे।”

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सीएम ने कहा, “प्रदेश सरकार का दृढ़ विश्वास है कि हर बच्चे को, चाहे उसका आर्थिक पिछड़ापन कोई भी हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और सरकार के उपक्रमों का उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही मौके मिलें जो बाकियों को मिलते हैं। आने वाली पीढ़ियों को शक्तिशाली बनाने और खुशहाल पंजाब के निर्माण के लिए शिक्षा सबसे बड़ा साधन है और प्रदेश सरकार इसे मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।”

    पंजाब के शिक्षा क्षेत्र के सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “जब मैंने पद संभाला था तो स्कूली शिक्षा में प्रदेश 27वें नंबर पर था। आज यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब पहले नंबर पर खड़ा है। जहां 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 छात्र हो गई है, जो कि पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous ArticleUP को मिल सकता है नमो भारत ट्रेन के 4 नए रूट का तोहफा, पूरी पश्चिमी यूपी में बिछेगा जाल
    Next Article जिसे कभी नहीं मिला इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका, पाकिस्तान ने उसे बनाया बल्लेबाजी कोच, कौन हैं माइकल स्मिथ? | Sports
    श्वेता चौहान

      मिलती जुलती ख़बरें

      Punjab News: पंजाब विधानसभा में E-20 पेट्रोल पर प्रस्ताव पास

      August 4, 2026

      Punjab News: E20 नोटबंदी जैसा है; बड़े दावे लेकिन कोई सबूत नहीं

      August 4, 2026

      रोडवेज, पनबस और PRTC कर्मचारियों की हड़ताल खत्म

      August 4, 2026

      ईमानदारी की मिसाल, नकदी और गहने सही मालिकों को…

      August 4, 2026

      मंत्री लालचंद कटारुचक ने कनाडा में भारतीय स्टूडेंट्स के पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट संकट पर जताई चिंता, केंद्र सरकार से दखल देने की मांग

      August 4, 2026

      CM सैनी ने पंजाब की भर्ती परीक्षाओं पर कांग्रेस और आप से मांगा जवाब

      August 4, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      जिसे कभी नहीं मिला इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका, पाकिस्तान ने उसे बनाया बल्लेबाजी कोच, कौन हैं माइकल स्मिथ? | Sports

      By परवेश चौहानAugust 4, 2026

      पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर माइकल स्मिथ को नया बल्लेबाजी कोच…

      CM मान ने विधानसभा में नौजवानों का मुद्दा उठाया; बोले- पंजाब सरकार जेन-जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है

      August 4, 2026

      UP को मिल सकता है नमो भारत ट्रेन के 4 नए रूट का तोहफा, पूरी पश्चिमी यूपी में बिछेगा जाल

      August 4, 2026
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.