मार्च 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचे दाम
Iran US Israel War Ceasefire, (द भारत ख़बर), तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो मार्च 2022 के बाद का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड करीब 126.31 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
फिलहाल यह करीब 123 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। बीबीसी के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आज ईरान के खिलाफ हमले से जुड़ी ब्रीफिंग दी जाएगी। सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ छोटे लेकिन बहुत ताकतवर हमलों की प्लानिंग तैयार की है। इसका मकसद सीधे युद्ध को लंबा खींचना नहीं, बल्कि ईरान पर दबाव बनाना है ताकि वह बातचीत में झुक जाए।
140 डॉलर के करीब जा सकती है कच्चे तेल की कीमत
इसी खबर के बाहर आने के बाद तेल की कीमतें बढ़ी हैं। वही तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तंज कसते हुए कहा कि अगला पड़ाव 140 डॉलर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को उनके लोग बेकार सलाह दे रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का भी मजाक उड़ाया और कहा कि उनकी सलाह की वजह से तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है।
अमेरिका ने ईरान की 45 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान की करीब 45 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इससे पहले अमेरिका ने पहले करीब 350 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो एसेट्स जब्त की थीं और हाल ही में 100 मिलियन डॉलर और हासिल किए, जिससे कुल रकम लगभग आधा अरब डॉलर के करीब पहुंच गई है। बेसेंट के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई को आॅपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के तहत चलाया जा रहा है, जिसका मकसद ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।
परमाणु और मिसाइल ताकत को देश की संपत्ति मानता है ईरान
ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमता से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगा। उनका यह लिखित बयान ईरान के सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया गया। खामेनेई ने कहा कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल ताकत को देश की संपत्ति मानता है और हर हाल में उसकी रक्षा करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट में अब एक नया दौर शुरू हो गया है, जो आगे चलकर इलाके में शांति, तरक्की और आर्थिक फायदा लाएगा। खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने (बेस) इतने कमजोर हैं कि वे खुद की सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर सकते। ऐसे में वे इस इलाके के दूसरे देशों को सुरक्षा देने का दावा कैसे कर सकते हैं।
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