UN Warning, (द भारत ख़बर), संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने भी दुनिया पर मंडरा रहे अल नीनो के खतरे को लेकर चेतावनी दी है। रिपोट्स में बताया गया है कि इस मौसमी घटना का इस वर्ष के अंत अथवा 2027 में रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि इस वर्ष बनने वाला अल नीनो अभी तक का सबसे ताकतकर अल नीनो हो सकता है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि इस बार का अल नीनो पहले से गर्म हो रही धरती पर ज्यादा गर्मी बढ़ाएगा, इसलिए दुनिया को एहतियाती तौर पर कदम उठाने चाहिए।
3 डिग्री तक बढ़ सकता है समुद्री सतह का तापमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो की इस बार की घटना के कारण दुनियाभर में तापमान का रिकॉर्ड टूटेगा और इसका सीधा प्रभाव पानी की कमी से लेकर खेती-बाड़ी तक पड़ेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ईसीएमडब्ल्यूएफ) का कहना है कि अल नीनो से 2026 के दिसंबर तक मध्य भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के इलाके में समुद्री सतह का तापमान 3 डिग्री (औसत से 5.4 डिग्री फारेनहाइट) तक बढ़ सकता है। कुछ अनुमानों में इसके 4 डिग्री सेल्सियस (7.2 डिग्री फारेनहाइट) तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
हर अनुमान 3 डिग्री से ऊपर जा रहा
मौसम विज्ञानी और ग्लोबल वेदर राइटर बेन नोल ने बताया है कि करीब हर अनुमान 3 डिग्री से ऊपर जा रहा है और कुछ अनुमान 4 डिग्री से भी अधिक तापमान दिखा रहे हैं, जिससे साफ है कि यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अल नीनो का संकेत है। प्रशांत महासागर में अल नीनो की घटना अल नीनो-सदर्न आॅसिलेशन प्राकृतिक जलवायु चक्र के रूप में हर 2 से 7 साल में होती हैं। इस वजह से मध्य व पूर्वी प्रशांत इलाके में समुद्र की सतह में गर्मी बढ़ती है व ट्रेड विंड्स कमजोर होती है। परिणामस्वरूप दुनिया में तापमान तथा बारिश का पैटर्न प्रभावित होता है।
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