Bangladesh president Shahabuddin resigned : बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि बिगड़ती सेहत की वजह से वह देश के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। जातीय संगसद (पार्लियामेंट) को लिखे अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्होंने 24 अप्रैल, 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली थी और अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और संविधान के मुताबिक किया है।
बदलाव के दौर में निभाई जिम्मेदारियां
अगस्त 2024 के बड़े जन-आंदोलन के बाद हुई राजनीतिक घटनाओं को याद करते हुए बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बदलाव के दौर में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाईं और अंतरिम सरकार के गठन को सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया।
हाल में बिगड़ी सेहत
शहाबुद्दीन ने कहा कि हाल के महीनों में उनकी सेहत काफी खराब हो गई है। उन्होंने लिखा कि वह ‘ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी’ से पीड़ित हैं, जो एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है और इसने उनकी शारीरिक स्थिति पर बहुत बुरा असर डाला है।
पूर्व जज रह चुके हैं शहाबुद्दीन
बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम के अनुभवी और पूर्व जज शहाबुद्दीन अप्रैल 2023 में देश के राष्ट्रपति बने। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-बांग्लादेश (ICT-BD) की स्थापना 2010 में शेख हसीना की सरकार ने की थी, ताकि मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना का साथ देने के आरोपी लोगों पर मुकदमा चलाया जा सके। बाद में इसी ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराया। हसीना के सत्ता से हटने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ट्रिब्यूनल के कानून में संशोधन किया और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में अवामी लीग के पूर्व नेताओं और सरकारी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए इसके अधिकार बढ़ा दिए।

