सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने किया ढेर, मारा गया आतंकी पहलगाम आतंकी हमले में था शामिल
Jammu-Kashmir Breaking News (द भारत ख़बर), कश्मीर : सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कुख्यात आतंकवादी को मौत के घाट उतारने में सफलता हासिल की है। मारे गए आतंकी की पहचान लश्कर के टॉप कमांडर जाकिर गनई के रूप में हुई है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद उसका शव भी बरामद कर लिया है। मारे गए आंतकी से सुरक्षा बलों ने हथियार भी बरामद किए हैं। जबकि इस मुठभेड़ के दौरान एक अन्य आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। सुरक्षा बलों की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
शोपियां एरिया में मिली सुरक्षा बलों को सफलता
सुरक्षा बलों को यह सफलता दक्षिण कश्मीर के शोपियां इलाके में चल रहे आतंकवाद-विरोधी आॅपरेशन के दौरान मिली है। दरअसल सुरक्षा बलों को इनपुट मिले थे कि उक्त क्षेत्र में कुछ संदिग्ध दिखाई दिए हैं। जिसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस टीमों ने पिछले कई दिन से क्षेत्र में संयुक्त आॅपरेशन चलाया हुआ था।
तीन जुलाई को पहली बार दिखे थे आतंकी
अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों को 3 जुलाई को मीमंदर इलाके के एक घने बाग में लगे निगरानी कैमरों में देखा गया था। यह क्षेत्र सात गांवों में फैला हुआ है। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। सेना की काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स ने इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए थे, ताकि आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद किया जा सके।
दोनों आतंकी कुलगाम जिले के रहने वाले
सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों आतंकी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। इनमें जाकिर वर्ष 2024 से लश्कर से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि लतीफ पिछले साल आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। जाकिर का नाम पहलगाम हमले में भी था। ज्ञात रहे कि मानसून सीजन के दौरान सीमा के नजदीक जंगल काफी ज्यादा हरे-भरे और घने हो जाते हैं। इन्हीं घने जगलों का फायदा उठाकर आतंकी संगठन ज्यादा सक्रिय हो जाता हैं। घने जंगलों में छिपने में उन्हें आसानी होती है जिससे वे आतंकी कार्रवाइयों को अंजाम देते हैं।
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