घरेलू निवेशकों ने जबरदस्त खरीदारी करके दिया सहारा
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : बीता सप्ताह जहां विश्व भर के बाजारों के लिए मिलाजुला रहा वहीं भारतीय शेयर बाजार ने इसमें बाजी मार ली। सप्ताह के पांच में से चार दिन शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई। पूरे सप्ताह में केवल गुरुवार को ही शेयर बजार लाल निशान पर बंद हुआ। इस तरह से पूरे हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 4,745.57 (6.52%) अंकों की बढ़त के साथ 77,550.25 के स्तर पर पहुंच गया।निफ्टी 24,050.60 पर पहुंच गया।
इस दौरान एक बात जो सामने आई वह थी विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का बाजार से पैसे निकालना और घरेलू निवेशकों का पैसे लगाना। आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने गुरुवार को 1711.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 955.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह दिखाता है कि घरेलू निवेशकों ने बाजार को समर्थन दिया। पिछले सत्र यानी गुरुवार को सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20 फीसदी गिरकर 76,631.65 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 222.25 अंक या 0.93 फीसदी गिरकर 23,775.10 पर समाप्त हुआ था।
पूरे सप्ताह इस तरह रही शेयर बाजार की चाल
इस हफ्ते बाजार की चाल पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय खबरों और कूटनीतिक बयानों से तय हुई। सोमवार, 6 अप्रैल को बाजार भारी दहशत में खुला, जहां सेंसेक्स 73,477.53 पर खुला और शुरूआती कारोबार में ही 72,728.66 के दैनिक निचले स्तर पर जा गिरा। लेकिन दोपहर बाद अमेरिका-ईरान युद्धविराम की अफवाहों से सेंसेक्स रिकवर होकर 74,106.85 पर बंद हुआ। मंगलवार (7 अप्रैल) को यह बढ़त जारी रही और सेंसेक्स 74,616.58 पर पहुंच गया।
बुधवार, 8 अप्रैल बाजार के लिए सबसे ऐतिहासिक दिन रहा, जब दो हफ्ते के सशर्त युद्धविराम की घोषणा पर सेंसेक्स 2,946 अंकों (करीब 4%) की लंबी छलांग के साथ 77,562.90 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार (9 अप्रैल) को इस्राइल की ओर से लेबनान में हमले के बाद फिर से 931.25 अंकों की तेज गिरावट आई और सेंसेक्स 76,631.65 पर बंद हुआ। शुक्रवार, 10 अप्रैल को बैंकिंग और आॅटो शेयरों में फिर से भारी खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 918.60 अंक (1.20%) उछलकर 77,550.25 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी सोमवार के 22,600 के निचले स्तर से उड़ान भरकर शुक्रवार को 24,050.60 के ऐतिहासिक आंकड़े पर बंद हुआ।
विश्व के प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी का रुख
जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले पश्चिम एशिया संकट में और अधिक नरमी आने की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। इसके साथ ही एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर बंद हुए। यूरोपीय बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
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