भारत सरकार ने युद्ध के चलते चुनौतियां झेल रहे निर्यातकों को 497 करोड़ रुपए जारी किए
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले करीब एक साल से दुनिया भर के उद्योगपतियों के लिए समय चुनौतीपूर्ण रहा है। पिछले साल जहां उद्योग टैरिफ की मार झेलते रहे वहीं पिछले करीब एक माह से जारी ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में फैली अशांति निर्यातकों को परेशान कर रही है। इसी बीच भारत सरकार ने ऐसे निर्यातकों के लिए विशेष पैकेज जारी किया है।
जिनको युद्ध के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत सरकार ईरान युद्ध के कारण चुनौतियां झेल रहे निर्यातकों को 497 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देगी। इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय ने रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना शुरू की। इसका लाभ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, कुवैत, ओमान, ईरान, इस्राइल, यमन, सऊदी अरब, बहरीन व ईराक सामान भेज रहे निर्यातकों या वहां से होकर गुजरने वाली खेप पर मिलेगा।
निर्यातकों को तीन तरह से मिलेगी मदद
इस योजना के तीन प्रमुख हिस्से हैं। पहले हिस्से के तहत निर्यात दायित्व विस्तार शामिल है। अग्रिम अनुमति और ईपीसीजी अनुमति (जो एक मार्च से 31 मई, 2026 के बीच देय हैं) का स्वत: विस्तार 31 अगस्त तक बिना किसी जुमार्ने के किया जाएगा। यह 14 फरवरी से 15 मार्च तक की तत्काल एक माह की अवधि में ईसीजीसी के जरिये पहले से बीमित खेपों की सुरक्षा करता है। दूसरे हिस्से का उद्देश्य 16 मार्च से 15 जून तक तीन माह की अवधि में आगामी निर्यात खेपों के लिए ईसीजीसी कवरेज को प्रोत्साहित करना और सुगम बनाना है।
तीसरा हिस्सा विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) को अधिभार के झटकों से बचाने के लिए बनाया गया है। यह 14 फरवरी से 14 मार्च तक एक महीने की अवधि में असाधारण ढुलाई और बीमा लागत की आंशिक प्रतिपूर्ति करता है। यह उन एमएसएमई निर्यातकों पर लागू होता है, जिन्होंने ईसीजीसी कवरेज नहीं लिया है।
95 प्रतिशत बीमा कवर मिलेगा
निर्यातकों को नई खेप भेजने के लिए 95 फीसदी बीमा कवरेज मिलेगा। इसके अलावा भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) के दायरे से बाहर वाले निर्यातकों को अतिरिक्त माल भाड़े व बीमा लागत का 50 फीसदी तक प्रतिपूर्ति होगी। सरकार ने ईसीजीसी निगम को सत्यापन, दावा प्रसंस्करण, वितरण और निगरानी व निर्यात ऋण जोखिम कवर प्रदान करने का जिम्मा सौंपा है।
ये भी पढ़ें : Share Market Update : शेयर बाजार का गोता, निवेशकों के 11 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे

