देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक के CEO और MD शशिधर जगदीशन से साफ कर दिया है कि अब वे इस पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं लेंगे। जगदीशन 26 अक्तूबर को रिटायर हो रहे हैं। बैंक ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। आदित्य पुरी के पद छोड़ने के बाद, जगदीशन ने अक्टूबर 2020 में बैंक के MD और CEO का पद संभाला था।
एक्सटेंशन का फैसला ठुकराया
HDFC बैंक के बोर्ड ने उन्हें फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के CEO के तौर पर काम जारी रखने के लिए मनाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्होंने रिटायर होने का अपना फैसला बता दिया। बैंक ने कहा, “बोर्ड ने उनकी प्रतिबद्धता, लीडरशिप, बैंक की ग्रोथ और स्थिरता में उनके योगदान और कॉर्पोरेट इंडिया के सबसे बड़े मर्जर में से एक को सफलतापूर्वक पूरा करने में उनकी भूमिका की बहुत सराहना की।” साथ ही, बैंक ने जगदीशन को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। HDFC बैंक ने अब उनके उत्तराधिकारी को खोजने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
बैंक में दो दशक से ज्यादा रहे
अपने लगभग छह साल के कार्यकाल के दौरान, जगदीशन ने HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक के मर्जर (विलय) की देखरेख की, जिससे भारत के सबसे बड़े फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप्स में से एक बना। जगदीशन ने HDFC बैंक में दो दशकों से ज्यादा समय तक काम किया है और कई अहम पदों पर रहे हैं, जिसमें चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद भी शामिल है।
पिछले महीने लगा था जुर्माना
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने HDFC बोर्ड ने बैंक के तीन टॉप अधिकारियों जगदीशन, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) मामले में RBI के निर्देशों का पालन न करने की वजह से लगाया गया था।

