फरीदाबाद: गली-मोहल्लों में कुत्ते के काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन हमला होने के बाद पीड़ित और उसके परिवार को यह समझ नहीं आता कि इलाज का खर्च कौन उठाएगा और शिकायत कहां करनी है. कई बार कुत्ते का मालिक यह कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है कि उसका कुत्ता वैक्सीनेटेड है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वैक्सीनेटेड होने से मालिक की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है. डॉग बाइट के बाद FIR, इलाज का खर्च, CCTV फुटेज, गवाह और पुलिस शिकायत को लेकर क्या कानूनी प्रक्रिया है, इस बारे में फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी ने जरूरी जानकारी दी.
कुत्ता वैक्सीनेटेड हो, फिर भी FIR होगी
इस पर Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि कुत्ते के वैक्सीनेटेड होने का FIR दर्ज होने से कोई सीधा संबंध नहीं है. शिकायत पर कार्रवाई घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होती है. अगर कुत्ते के हमले में किसी व्यक्ति को चोट लगी है, तो वैक्सीनेशन होने के बावजूद मामले में FIR दर्ज हो सकती है. सिर्फ टीका लगवाने से कुत्ते के मालिक की जिम्मेदारी अपने आप खत्म नहीं हो जाती.
डॉग बाइट के बाद इलाज का खर्च कौन देगा
मोहन तिवारी बताते हैं कि इलाज का खर्च किससे दिलाया जाएगा, यह घटना की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. इसके लिए पीड़ित के पास पर्याप्त साक्ष्य होना जरूरी है. चोट की मेडिकल रिपोर्ट, घटना से जुड़े दस्तावेज और दूसरे उपलब्ध सबूत मामले में अहम हो सकते हैं. इन्हीं तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है.
मालिक कुत्ता अपना न माने तो क्या करें
अगर कुत्ते का मालिक उसे अपना मानने से इनकार करता है या इलाज का खर्च देने से बचता है, तो पीड़ित पुलिस में शिकायत कर सकता है. ऐसे मामले में यह साबित करना जरूरी होगा कि हमला किस कुत्ते ने किया और वह किस व्यक्ति का है. इसके लिए आसपास रहने वाले लोगों की गवाही मददगार हो सकती है
CCTV फुटेज और पड़ोसियों की गवाही क्यों जरूरी
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि डॉग बाइट की घटना में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है. कैमरे की रिकॉर्डिंग से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के समय क्या हुआ और कुत्ते ने किस तरह हमला किया. इसके साथ ही आसपास मौजूद लोगों और पड़ोसियों की गवाही भी महत्वपूर्ण हो सकती है. गवाह यह बताने में मदद कर सकते हैं कि कुत्ता किसका है और घटना किस परिस्थिति में हुई. इसलिए CCTV फुटेज को सुरक्षित रखना चाहिए और घटना देखने वाले लोगों की जानकारी भी पुलिस को देनी चाहिए.
पुलिस शिकायत के बाद क्या होगी कानूनी प्रक्रिया
मोहन तिवारी बताते हैं कि पुलिस में शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी. जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा. इसके बाद मामले के तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अगर पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होती है, तो पीड़ित न्यायालय का रुख कर सकता है. इसके लिए मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस शिकायत और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखना जरूरी है.
घर में कुत्ता रखने वाले मालिक की क्या जिम्मेदारी
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि पालतू कुत्ते के किसी व्यक्ति को काटने पर परिस्थितियों के अनुसार उसके मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामले में घटना से जुड़े सबूत काफी महत्वपूर्ण होते हैं. पीड़ित को मेडिकल रिपोर्ट संभालकर रखनी चाहिए और घटना की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर सकती है.

