हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के पांच दिन के भीतर विद्यार्थियों को ई-अधिगम योजना के तहत मिले टैबलेट स्कूल में जमा कराने होंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में टैबलेट जमा नहीं कराने वाले विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रोका जा सकता है।
Haryana School Education Department द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के वे दसवीं कक्षा के विद्यार्थी, जो उसी स्कूल में आगे ग्यारहवीं में पढ़ाई जारी रखेंगे, उन्हें टैबलेट जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी प्रकार ग्यारहवीं के केवल उन विद्यार्थियों को टैबलेट वापस करना होगा, जो स्कूल छोड़ने के लिए स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) के लिए आवेदन करेंगे।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यार्थी जानबूझकर टैबलेट जमा नहीं कराता है, तो बोर्ड द्वारा उसका परिणाम रोका जा सकता है। यदि किसी कारणवश परिणाम जारी भी हो जाता है, तो भी संबंधित विद्यार्थी को स्कूल में टैबलेट जमा कराने के बाद ही एसएलसी, डीएमसी (मार्कशीट) और चरित्र प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल संसाधनों का सही प्रबंधन और उपयोग हो सके।
ई-अधिगम योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट के साथ चार्जर, सिम कार्ड और अन्य संबंधित उपकरण भी जमा कराना अनिवार्य होगा। स्कूलों में कक्षा प्रभारी को टैबलेट संग्रह करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और सभी जमा हुए टैबलेट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों से संबंधित डेटा को ऑनलाइन अपडेट करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि योजना का पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
हरियाणा में Haryana Government द्वारा ई-अधिगम योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को टैबलेट और सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए थे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल सके। अब शैक्षणिक सत्र 2025–26 समाप्ति की ओर है और बोर्ड व वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने टैबलेट वापसी की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हालांकि नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के वे विद्यार्थी, जो उसी स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे, उन्हें टैबलेट जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलता रहेगा और योजना की निरंतरता भी बनी रहेगी।

