LeT commander musa encounter: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को मंगलवार रात आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली। बडगाम जिले के पहाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राइफल्स ने मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकवादी को मारा गिराया। हालांकि, कश्मीर स्थित चिनार कॉर्प्स ने मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया, लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ मूसा के तौर पर की।
मुठभेड़ के दौरान हुआ ढेर
सेना ने ट्वीट किया कि अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर उसने मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग इलाके में एक ऑपरेशन शुरू किया। सेना ने कहा, ”सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जबरदस्त गोलीबारी हुई और इस दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया गया।”
OP KORAG, Yousmarg
Based on specific intelligence input, a Joint Search Operation was launched by #IndianArmy, @JmuKmrPolice and @crpf_srinagar in general area Korag, Yousmarg.
Vigilant troops observed suspicious activity and upon being challenged, terrorists opened fire,…
— Chinar Corps🍁 – Indian Army (@ChinarcorpsIA) September 29, 2026
कई आतंकी वारदातों में था शामिल
ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में दूधपथरी के दूर-दराज जंगली इलाके में मूसा को मार गिराया गया। अधिकारियों ने बताया कि मूसा पिछले कई सालों से पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित था।
बच निकला था पिछली बार
इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ से बच निकला था।5 सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में उसका करीबी साथी यासिर मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में सक्रिय LeT के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
कौन था मूसा और घाटी में कैसे बना सिरदर्द?
सुलेमान शाह उर्फ मूसा पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक टॉप कमांडर था। वह पाकिस्तान के रावलकोट का रहने वाला एक अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकी था, जो कश्मीर घाटी में लश्कर के ऑपरेशंस की कमान संभाल रहा था।
हमले और साजिशें: मूसा पिछले कई सालों से पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ हुए कई हमलों और आतंकी गतिविधियों में शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2025 के कुख्यात पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी शामिल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह घाटी में हुई कम से कम छह बड़ी आतंकी घटनाओं और गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।

