Punjab News: पूर्व IAS अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में देश भर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं के बावजूद, केंद्र सरकार की चुप्पी बहुत दुखद है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने भविष्य को लेकर आवाज़ उठा रहे थे और न्याय की मांग कर रहे थे, तो सरकार ने उनके दर्द को गंभीरता से नहीं लिया। इसके उलट, दिल्ली पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जो बहुत निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर छात्रों के मुद्दे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब मांग रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें धक्का दिया और ज़बरदस्ती हिरासत में ले लिया। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। इस मुद्दे पर चुप रहने के बजाय, केंद्र सरकार को देश को स्पष्ट करना चाहिए कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
धालीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार से जवाब मांगना है। अगर संसद के अंदर विपक्ष के सवालों को प्रभावी ढंग से उठाने में बाधाएं पैदा की जाती हैं और संसद के बाहर जवाब मांगने वालों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
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उन्होंने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से लाखों मेहनती छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में, सरकार की पहली प्राथमिकता दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाना और परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा बहाल करना होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
