
PM Modi Kerala Visit, (द भारत ख़बर), कोच्चि (केरल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल दौरे पर हैं। वह कोच्चि पहुंचे हैं और उन्होंने यहां ‘अखिल केरल धीवर सभा’ के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने केरल का नाम बदलने के लिए राज्य की जनता को बधाई दी। साथ ही राज्य के मछुआरा समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा, आज, जब मैं आपके बीच खड़ा हूं, तो पूरे राज्य में खुशी की लहर है।
मलयाली संस्कृति के अनुसार केरल को मिला सही नाम
पीएम ने कहा, मेरे मलयाली भाइयों और बहनों का लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। आप सभी वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ कर दिया जाए। केंद्र में हमारी बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और मैं आप सभी के चेहरों पर खुशी देख सकता हूं। इस खूबसूरत राज्य को मलयाली संस्कृति के अनुसार उसका सही नाम मिल गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 फरवरी को दी थी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 फरवरी को, केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी। केरल की विधानसभा ने जून 2024 में नाम बदलने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। ‘अखिल केरल धीवर सभा’ के कार्यों की और अधिक सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम एक ऐतिहासिक क्षण के गवाह बन रहे हैं। ‘अखिल केरल धीवर सभा’ अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रही है। यह संगठन मछुआरा समुदाय के अधिकारों के लिए काम कर रहा है।
मेरे लिए जनता ही भगवान के समान
पीएम मोदी ने कहा, मैं केरलम के सभी मछुआरों और ‘अखिल केरल धीवर सभा’ के सदस्यों को बधाई देता हूं। यह कहा गया था कि प्रधानमंत्री अपना आशीर्वाद देने आए हैं, लेकिन मेरे लिए जनता ही भगवान के समान है, और मैं यहां उनका आशीर्वाद लेने आया हूं। उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले, जब मैं केरलम आया था, तो मैंने ‘अखिल केरल धीवर सभा’ ?के सदस्यों के साथ बातचीत की थी।
पिछली सरकारों ने मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अखिल केरल धीवर सभा’ ने जीवन और रोजगार तथा प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाने का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। आप भारतीय दर्शन और विचार को जीते हैं। दुनिया जल, नदियों और समुद्रों को केवल एक संसाधन मानती है। उन्होंने कहा, धीवर समुदाय समुद्र को अपनी ‘अम्मा’ (मां) मानता है। यूडीएफ और एलडीएफ पर हमला बोलते हुए, मोदी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने मछुआरा समुदाय (Fishing Community) की उपेक्षा की थी, लेकिन अब एनडीए सरकार आगे बढ़ रही है और उनकी क्षमताओं को असीमित स्तर तक बढ़ा रही है।
मछुआरा समुदाय की क्षमता को पहचाना
मोदी ने कहा, हमारी सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और ब्लू इकोनॉमी में उनकी भूमिका को पहचाना है। यह यूडीएफ और एलडीएफ सरकार ही है जिसने मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत, केरल के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, इसी वजह से, केरल में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री थोड़ी देर बाद एनार्कुलम (Ernakulam) में लगभग 10,800 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे, उनकी आधारशिला रखेंगे और उन्हें हरी झंडी दिखाएंगे।
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