नई दिल्ली. अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की तरफ से बेहद प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र दिया गया है. इस तीर्थ क्षेत्र को ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ (Eat Right Place of Worship) के प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया है. यह प्रमाणपत्र प्राधिकरण द्वारा निर्धारित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को पूरा करने के बाद दिया गया है. अयोध्या में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुनहानी ने यह प्रमाणपत्र सौंपा. यह प्रमाणपत्र दो वर्षों तक वैध रहेगा
रविवार, 11 अक्टूबर को श्री राम में आस्था रखने वाले तमाम भक्तों के लिए एक विशेष खबर आई. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG’ प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है. खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और प्रसाद की गुणवत्ता के मानकों पर हुए मूल्यांकन में श्री राम मंदिर ने 114 में से 103 अंक हासिल कर ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में स्थान प्राप्त किया. अयोध्या के कुल छह प्रमुख पूजा स्थलों को यह प्रमाणपत्र मिला है.
प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) की विशेष सचिव एवं अपर आयुक्त रेखा चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया. रेखा चौहान ने बताया कि एफएसएसएआई के ‘ईट राइट’ अभियान के तहत मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर तैयार एवं वितरित होने वाले प्रसाद की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा का ऑडिट किया जाता है. निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले पूजा स्थलों को BHOG प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है.एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी ने कहा कि प्रसाद केवल भोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और गरिमा का प्रतीक है.
ृऐसे में श्रद्धालुओं तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसाद पहुंचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि ‘सुरक्षित है तो खाद्य है’ अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ पूजा स्थलों को भी प्रमाणित किया जा रहा है.

