Delhi Red Fort Closed for Tourists: अगर आप दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा ठहर जाइए। लाल किला का घूमने का प्लान कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के लिए दिल्ली के लाल किला को आम लोगों के लिए 15 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लाल किले में लोगों की एंट्री पर अस्थायी रोक लगाई है। ASI के आदेश के अनुसार दिल्ली का लाल किला 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक टूरिस्ट्स के लिए बंद रहेगा। इस दौरान लाल किला परिसर में केवल स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और पास धारक लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
क्या है लाल किला बंद करने की वजह?
हर साल स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले को कुछ समय के लिए आम जनता के लिए बंद किया जाता है, क्योंकि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री यहीं से देश को संबोधित करते हैं और राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इस बड़े आयोजन के लिए कई हफ्ते पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लाल किले को बंद करने का मुख्य कारण स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था है। कार्यक्रम के लिए मंच निर्माण, बैरिकेडिंग, सुरक्षा जांच, तकनीकी व्यवस्थाएं और रिहर्सल जैसे कई काम किए जाते हैं। ऐसे में आम लोगों की आवाजाही से तैयारियों में बाधा आ सकती है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसलिए पूरे परिसर को सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रखा जाता है, ताकि समारोह बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके।
कब दोबारा खुलेगा लाल किला?
लाल किला 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरा होने के बाद फिर से आम लोगों के लिए खोले जाने की संभावना है। समारोह समाप्त होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ASI की ओर से सामान्य प्रवेश व्यवस्था बहाल की जाएगी। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे 15 अगस्त तक लाल किला देखने का कार्यक्रम टाल दें और यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर जांच लें। अगर आपने जुलाई या अगस्त की शुरुआत में लाल किला घूमने की योजना बनाई है, तो फिलहाल इसे आगे बढ़ाना बेहतर होगा। लाल किले में प्रवेश शुरू होने के बाद ही पर्यटक सामान्य टिकट व्यवस्था के जरिए यहां घूम सकेंगे।
लाल किला क्यों है इतना खास?
लाल किला केवल एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं बल्कि भारत की आजादी और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। 15 अगस्त 1947 से ही यह स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रमुख स्थल रहा है। हर साल प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर देश को संबोधित करते हैं। मुगल काल में बना यह किला यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इसे देखने पहुंचते हैं।

