
कहा- युवा केवल अपने बारे में न सोचें, अगली पीढ़ियों का भी ध्यान रखें
RSS Chief, (द भारत ख़बर), नागपुर: आजादी की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद भागवत ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग हो जाएंगे, इसलिए उन्हें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखना चाहिए। भागवत ने कहा कि युवा देश के लिए डेमोग्राफिक डिविडेंड हैं। अगर उन्हें सही दिशा दी जाए तो देश को बहुत फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में समाज पर बोझ बढ़ सकता है।
देश को समृद्ध बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश को समृद्ध बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि यह तो तय है कि हमारा देश आजाद हो चुका है और आजाद ही रहेगा, लेकिन इसे समृद्ध, सुरक्षित और खुशहाल बनाने का काम अभी बाकी है। अगर हम इसे ऐसा देश बनाना चाहते हैं जो दुनिया में अपना तय योगदान दे सके, तो हमें यह समझना होगा कि हमारे रास्ते में कई रुकावटें और विरोधी हैं।
बहस और विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा
भागवत ने कहा, बहस, बातचीत, विरोध और प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए। भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और नजरिए होना स्वाभाविक है, जहां लोग अपनी बात रख सकते हैं और दूसरों की बातों का जवाब दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनहित में अलग राय रखना और सवाल उठाना जरूरी है और इसे मजबूती से किया जाना चाहिए।
अपनी समस्याओं के लिए हमें पूरी तरह अलग सोच की जरूरत
भागवत ने कहा, कम आबादी, बड़े भौगोलिक इलाके या ज्यादा संसाधनों वाले देशों के लिए केवल रोजगार के बारे में सोचना पर्याप्त हो सकता है। लेकिन भारत जैसे देश की आबादी बहुत ज्यादा है और उसका भौगोलिक इलाका कनाडा, अमेरिका और चीन से छोटा है। इसलिए अपनी समस्याओं के लिए हमें पूरी तरह अलग सोच की जरूरत है। इसके लिए हमें ठीक से अध्ययन करना होगा।
युवाओं को हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना होगा
उन्होंने कहा, दुनिया का बड़ा हिस्सा भौतिक चीजों के नजरिए से सोचता है, जबकि भारत की सोच केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं है। युवाओं को मुश्किलों का हिम्मत से सामना करना होगा और सफलता के लिए काम करना होगा।
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