कोझिकोड में आयोजित केरल लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे थे कांग्रेस सांसद शशि थरूर
Shashi Tharoor, (द भारत ख़बर), तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस सांसद शशि थरूर शनिवार को कोझिकोड में आयोजित केरल लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे। यहां पर उन्होंने केरल कांग्रेस की बैठक में नहीं जाने पर मीडिया द्वारा किए गए सवालों के भी जवाब दिए। उन्होंने कहा, मैं जो कहना चाहता था, वह मैंने पार्टी लीडरशिप को बता दिया है। यह सही नहीं है कि मैं इस बारे में पब्लिक में बात करूं। उन्होंने कहा- मीडिया कई बातें कह सकता है, कुछ सही हो सकती हैं, कुछ गलत हो सकती हैं।
मैंने पहले ही पार्टी लीडरशिप को बता दिया था कि मैं इसमें शामिल नहीं हो पाऊंगा। अब इसे कैंसिल करना मुमकिन नहीं है, और दिल्ली से कोझिकोड वापस आना आसान नहीं है। इसके अलावा थरूर ने कहा, मैंने पार्लियामेंट में कांग्रेस के किसी भी स्टैंड का किसी भी स्टेज पर विरोध नहीं किया है। एकमात्र मुद्दा आॅपरेशन सिंदूर था, जिस पर सिद्धांत के आधार पर पब्लिक में असहमति हुई।
कोई माफी नहीं मांगूंगा
उन्होंने कहा, इस मामले पर मैंने बहुत मजबूत स्टैंड लिया था। मैं उसके लिए कोई माफी नहीं मांगूंगा। पहलगाम की घटना के बाद, मैंने खुद इंडियन एक्सप्रेस में एक कॉलम लिखा था। मैंने इसमें कहा था कि ऐसी घटना को बिना सजा के नहीं छोड़ा जा सकता और इसका जवाब देना जरूरी है।
पाकिस्तान के साथ लंबे संघर्ष में नहीं उलझना चाहिए
आॅपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर कड़े रुख का कोई पछतावा नहीं है। भारत को विकास पर ध्यान देना चाहिए और पाकिस्तान के साथ लंबे संघर्ष में नहीं उलझना चाहिए। किसी भी कार्रवाई को आतंकवादी शिविरों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। मुझे हैरानी हुई कि भारत सरकार ने वही किया, जैसा मैंने सुझाया था।
राष्ट्रीय हित में सिर्फ भारत को ही जीतना चाहिए
जवाहरलाल नेहरू ने कहा था अगर भारत मर जाता है, तो कौन जीवित रहेगा? उनका कहना था कि जब देश की सुरक्षा और दुनिया में उनकी स्थिति का सवाल हो, तो भारत सबसे पहले आता है। राजनीतिक दलों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित में सिर्फ भारत को ही जीतना चाहिए। पार्टी मीटिंग में नहीं जाने पर कहा, दिल्ली से कोझिकोड वापस आना आसान नहीं।
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