मार्च में टूटा पिछले आठ माह का रिकॉर्ड, निवेशकों का शुद्ध निवेश 40,450.26 करोड़ रुपए पहुंचा
SIP Equity Funds (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : मार्च में जहां एक तरफ अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते विश्व भर के शेयर बाजारों में खलबली मची हुई थी वहीं म्यूचुअल फंड के निवेशकों ने सुरक्षित फंड्स से बाहर निकलते हुए रिस्क लिया और इक्विटी फंड्स में विनेश को चुना।।
इसका असर यह रहा कि मार्च में इक्विटी फंड्स में हुए निवेश ने पिछले आठ माह का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस संबंधी जानकारी देते हुए एसोसिएशन आॅफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) ने जो आंकड़े पेश किए हैं उनके अनुसार मार्च में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में शुद्ध निवेश बढ़कर 40,450.26 करोड़ रुपए हो गया।
जुलाई 2025 के बाद सबसे ज्यादा निवेश
यह जुलाई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। फरवरी में यह आंकड़ा 25,977.81 करोड़ रुपये था। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। मार्च में एसआईपी का योगदान 32,087 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह फरवरी के 29,845 करोड़ रुपये से अधिक है, जो खुदरा निवेशकों की लगातार भागीदारी दशार्ता है। हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से मार्च में 2.39 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। फरवरी में इसमें 94,530 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
इक्विटी में विभिन्न श्रेणियों का प्रदर्शन
इक्विटी श्रेणी के सभी खंडों में निवेश में वृद्धि दर्ज की गई। फ्लेक्सी-कैप फंड्स सबसे आगे रहे, जिनमें मार्च में 10,054.12 करोड़ रुपये का निवेश आया। मिड-कैप में 6,063.53 करोड़ रुपये और स्मॉल-कैप में 6,263.56 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लार्ज-कैप फंड्स में 2,997.84 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में 2,698.82 करोड़ रुपये का स्थिर निवेश देखा गया।
शेयर बाजार ने पूरा सप्ताह किया शानदार प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह शानदार प्रदर्शन किया है। पूरे सप्ताह में केवल एक दिन ही शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। वह भी गुरुवार को लेकिन शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शेयर बाजार ने पिछली गिरावट को भूलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दिन का समय समाप्त होने पर सेंसेक्स और निफ्टी शानदार तेजी के साथ बंद हुए। जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले पश्चिम एशिया संकट में और अधिक नरमी आने की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।
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