आखिरी वक्त में कोई नहीं था साथ, बेटे के जन्म के बाद हुई मौत
Raj Babbar, (द भारत ख़बर), मुंबई: एकतरफा प्यार भले ही सुनने में अजीब लगता हो लेकिन असल जिंदगी में भी यह होता है भले ही सामने वाला इंसान शादीशुदा ही क्यों ना हो। कुछ ऐसी ही कहानी है स्मिता पाटिल और राज बब्बर की। स्मिता को शादीशुदा राज बब्बर से बेइंतहा प्यार हो गया था और इस वजह सब एक्ट्रेस के खिलाफ हो गए थे, यहां तक कि परिवार वाले भी।
स्मिता पाटिल का निधन बच्चे के जन्म के कुछ ही हफ्तों बाद, 31 साल की उम्र में हो गया था। अरुणा राजे उनकी आखिरी रात को याद करती हैं, जबकि उनके लिखे खत राज बब्बर के लिए उनके गहरे प्यार और उस अकेलेपन को बयां करते हैं, जिसे उन्होंने चुपचाप सहा।
31 साल की उम्र में हुआ निधन
स्मिता पाटिल का निधन सिर्फ 31 साल की उम्र में बच्चे के जन्म के बाद हुई कुछ जटिलताओं के कारण हो गया था। उन्होंने 28 नवंबर को राज बब्बर के साथ अपने बेटे प्रतीक का स्वागत किया था। इसके कुछ ही हफ्तों बाद, 13 दिसंबर 1986 को, वह इस दुनिया से चली गई, अपने पीछे वह एक विरासत और एक नवजात शिशु छोड़ गई।
शादीशुदा थे राज बब्बर
उनकी करीबी दोस्त और फिल्ममेकर अरुणा राजे ने उन आखिरी पलों को फिर से याद किया है, साथ ही स्मिता की जिंदगी से जुड़ी कुछ बेहद निजी बातें भी बताई हैं। स्मिता के आखिरी दिन बहुत अकेलेपन में गुजरे थे। उनके दोस्त और परिवार वाले उनसे दूर हो गए थे, क्योंकि वह राज के साथ रिश्ते में थीं, जो पहले से ही नादिरा बब्बर से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे।

फिल्ममेकर ने न सिर्फ स्मिता के प्रोफेशनल सफर से जुड़े किस्से शेयर किए, बल्कि उनकी पर्सनैलिटी के बारे में भी बात की। अरुणा ने बताया कि स्मिता एक ऐसी इंसान जो मजेदार होने के साथ-साथ पूरी तरह से सीधी-सादी भी थीं। अरुणा राजे ने उस दिल तोड़ने वाली रात को भी याद किया, जब स्मिता ने अपनी आखिरी सांस ली थी, और बताया कि कैसे उन्होंने उन्हें अस्पताल में लेटे हुए देखा था, यह जानते हुए कि अब वह कभी दोबारा नहीं उठेंगी।
दर्दनाक था स्मिता का आखिरी वक्त
उन्होंने बताया, दिसंबर की उस मनहूस रात को करीब 3 बजे थे, जब मां के ड्राइवर मेरे घर आए और मुझे बताया कि स्मिता की हालत बहुत नाजुक है और उन्हें जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेरा घर पेडर रोड पर सिर्फ दो मिनट की दूरी पर था। मैं फौरन वहां गई और अस्पताल में मां के साथ हो ली।
मैंने स्मिता को ऐसी हालत में देखा, जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती। मैं जानती थी कि वह हमें हमेशा के लिए छोड़कर जा चुकी हैं और अब कोई भी चीज उन्हें वापस नहीं ला सकती। मां पूरी तरह से टूट चुकी थीं, लेकिन उन्हें नवजात प्रतीक की खातिर खुद को संभालना पड़ा।
स्मिता-राज बब्बर लव स्टोरी
स्मिता पाटिल और राज बब्बर की प्रेम कहानी 1980 के दशक का एक हाई-प्रोफाइल बॉलीवुड रोमांस था, जो गहरी चाहत, जनता की कड़ी आलोचना और दुखद रूप से कम समय तक चलने के लिए जाना जाता है।

राज के पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उन्होंने 1983 में शादी कर ली। 1986 में उनके बेटे प्रतीक बब्बर का जन्म हुआ, जिसके कुछ ही समय बाद प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण स्मिता का निधन हो गया।

