फरीदाबाद: दिल्ली में हाल ही में PG में हुए हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं किसी अनहोनी के बाद ही प्रशासन और विभाग क्यों जागते हैं. फरीदाबाद की ITI में भी कुछ ऐसा ही हाल नजर आ रहा है. यहां छात्र जिस पुराने भवन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, उसकी हालत देखकर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. छत से प्लास्टर गिर रहा है, बारिश में पानी टपकता है और कई जगह भवन की हालत बेहद खराब हो चुकी है. हैरानी की बात यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करके नई इमारत तैयार होने के बावजूद छात्र अभी तक उसमें पढ़ाई शुरू नहीं कर पाए हैं.
40 साल पुरानी बताई जा रही है ITI की पुरानी बिल्डिंग
Local18 से बातचीत में ITI की देखरेख करने वाले चौकीदार जगत सिंह ने बताया कि वह यहां 2014 से काम कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि पुरानी बिल्डिंग लगभग 40 साल पुरानी हो सकती है. बारिश के दिनों में पुराने भवन की हालत और ज्यादा खराब हो जाती है. कई कमरों की छत से पानी टपकता है और ऑफिस तक में पानी भर जाता है. ऐसे में बच्चों और स्टाफ को काफी परेशानी होती है. जगत सिंह बताते हैं कि नई बिल्डिंग करीब 5 से 6 महीने पहले तैयार हो चुकी है, लेकिन अभी बिजली समेत कुछ काम बाकी हैं. इसी वजह से बच्चों को फिलहाल पुराने भवन के जो कमरे थोड़े ठीक हैं, उन्हीं में बैठाया जा रहा है.
7 करोड़ से शुरू हुआ था नई ITI बिल्डिंग का निर्माण
नई ITI बिल्डिंग का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2019 में शुरू किया था. इसके लिए शुरुआत में करीब सात करोड़ रुपये का बजट रखा गया था. कोरोना काल में निर्माण कार्य रुकने के बाद काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन बढ़ती लागत के कारण बजट में भी इजाफा करना पड़ा. अब तक भवन के निर्माण पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इसके बावजूद भवन ITI प्रबंधन को पूरी तरह सौंपा नहीं जा सका है.
निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां
मामला तब और गंभीर हो गया, जब 19 मई को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुमित सहारावत ने नई इमारत का निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं. लिफ्ट लॉबी से लेकर वर्कशॉप, शौचालय, सीढ़ियों और आंगन तक कई काम तय डिजाइन के मुताबिक नहीं मिले. सबसे बड़ी समस्या पानी और सीवर कनेक्शन की भी सामने आई. इसके अलावा बिजली का काम भी पूरा नहीं हुआ था.
बारिश में बढ़ जाती है छात्रों की परेशानी
पुरानी बिल्डिंग में पढ़ने वाले छात्रों की परेशानी बारिश के दौरान और बढ़ जाती है. कुछ हिस्सों को ज्यादा खराब होने के कारण बंद भी कर दिया गया है. ITI प्रबंधन की चिंता यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है और अगर नई बिल्डिंग समय पर हैंडओवर नहीं हुई तो कक्षाएं चलाने में दिक्कत और बढ़ सकती है.
एक सप्ताह में पानी और सीवर कनेक्शन का दावा
इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि पानी और सीवर का कनेक्शन कराने का लक्ष्य एक सप्ताह रखा गया है. नई बिल्डिंग में बताई गई दूसरी कमियों को भी दूर कराया जा रहा है. उनका कहना है कि जल्द ही भवन ITI प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा.
नए सत्र से पहले बिल्डिंग हैंडओवर होने का इंतजार
वहीं, ITI के प्रधानाचार्य सह नोडल अधिकारी भगत सिंह ने बताया कि दाखिला प्रक्रिया अंतिम चरण में है और नया सत्र शुरू होने वाला है. ऐसे में नई बिल्डिंग का हैंडओवर जल्द होना जरूरी है. अब सवाल यही है कि जब करोड़ों रुपये खर्च करके भवन तैयार हो चुका है तो जरूरी कनेक्शन और बाकी काम पहले क्यों नहीं पूरे किए गए. छात्रों को किसी हादसे का इंतजार किए बिना जर्जर भवन से नई इमारत में कब शिफ्ट किया जाएगा.

