Stock market closing 22 July : भारी बिकवाली और मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने की वजह से कारोबारी सत्र के लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 715 अंकों की गिरावट के साथ 76,755 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेज (NSE) का निफ्टी 191 अंकों की गिरावट के साथ 23,996 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,384 अंकों का ऊपरी स्तर, तो 76,641 का निचला स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 24,166 का उच्च स्तर, तो 23,961 का निचला स्तर छुआ। BSE पर महज 6 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर बंद हुए।
इन शेयरों में तेजी
बीएसई पर हिंदुस्तान लीवर, NTPC, पावरग्रिड, टाइटन, भारती एयरटेल और एशियन पेंट में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान लीवर में सबसे ज्यादा 0.75% की तेजी दर्ज की गई।
इन शेयरों में गिरावट
BSE पर एलटी, इंडिगो, अडाणी पोर्ट्स, ITC, सन फार्मा, BEL, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, ट्रेंट, रिलायंस, SBIN, टाटा स्टील, इन्फोसिस, ऐक्सिस बैंक, बजाज फिन्सर्व, कोटक बैंक, TCS और HDFC बैंक के शेयर में गिरावट देखी जा रही है। इंडिगो के शेयर में सबसे ज्यादा 3.75% की गिरावट दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट का रुख
निफ्टी 100 में 0.77%, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.09%, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.54% की गिरावट दर्ज की गई।
फार्मा कंपनियों के शेयर लुढ़के
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद फार्मा कंपनियों के शेयरों में 1.3% की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल में तेजी बरकरार
मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति में बाधा आने की आशंका बनी हुई है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमत लगातार चौथे दिन की तेजी के साथ 11 जून के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है। सऊदी अरब से एशिया के लिए चले तेल के दो टैंकरों को लाल सागर में वापस होना पड़ा, जबकि होर्मुज स्ट्रेट में तेल के एक टैंकर को निशाना बनाया गया। तेल की कीमतें बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी कुल जरूरत का 85% से अधिक तेल आयात करता है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड 3.59% की जबरदस्त तेजी के साथ प्रति बैरल 94.28 डॉलर पर कारोबार करता दिखा।

