पूर्व सेनाध्यक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर पर किया बड़ा खुलासा, कहा, भारतीय सेना जानती थी ऑपरेशन कब और कैसे खत्म करना है
Operation Sindoor (द भारत ख़बर), मुंबई : पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने भारतीय सेना और सेना से जुड़े ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बात की है। नरवणे ने कहा कि मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया गया। मैं जवाब देता हूं कि युद्ध कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं है। युद्ध लड़ना आसान काम नहीं है। जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा, तब भी हमारे पास पर्याप्त शक्ति थी और हम उसे और भी बुरी तरह हरा सकते थे। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने संयम दिखाया।
सेना का राजनीतिक और सैन्य उद्देश्य स्पष्ट
ऑपरेशन सिंदूर पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के इस अभियान का राजनीतिक-सैन्य उद्देश्य स्पष्ट था। भारत को अच्छी तरह पता था कि मई 2025 में चार दिनों तक चले इस संघर्ष को कब और कैसे समाप्त करना है। जनरल नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे थे। मंगलवार को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने आॅपरेशन सिंदूर के माध्यम से उचित जवाब दिया। उन्होंने ने इसे “दंडात्मक, सटीक और आनुपातिक” आॅपरेशन बताया।
भारत का संयम और वैश्विक पहचान
पूर्व सेनाध्यक्ष ने सेना के शौर्य और पराक्रम के बीच संयम की अहमियत को भी रेखांकित किया। जनरल नरवणे ने कहा, हमारे द्वारा दिखाए गए संयम ने विश्व में हमारा कद बढ़ाया है। भारत को अब एक जिम्मेदार और स्थिर देश माना जाता है जो शांति की बात करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने से भी नहीं हिचकिचाता। यही अब हमारी पहचान है।
भारतीय सेना ने इसलिए किया था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारतीय सेना के इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। अभियान के विस्तार के साथ पड़ोसी देश की हवाई संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया।
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