फ्री तिब्बत अभियान से जुड़ी है घटना
Tibetan Flag Protest, (द भारत ख़बर), न्यूयॉर्क सिटी: न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर गुरुवार को तिब्बती झंडा लिए एक व्यक्ति ने विरोध स्वरूप खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के मुताबिक, वह व्यक्ति बौद्ध भिक्षु के वेश में था।
घटना से पहले उसने संयुक्त राष्ट्र परिसर के पास फुटपाथ पर तिब्बती झंडा रखा और फिर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली।पुलिस को घटनास्थल से कुछ पर्चे मिले, जिन पर चीन को तिब्बत से निकालो लिखा था। प्रदर्शनकारी की पहचान उसके एक दोस्त ने लोबगा रंगजेन के तौर पर हुई है, जो कथित तौर पर करीब 20 साल से अमेरिका में रह रहा था।
पुलिस को घटनास्थल से चीन को तिब्बत से निकालो लिखे पर्चे मिले
पुलिस को घटनास्थल से कुछ पर्चे मिले, जिन पर चीन को तिब्बत से निकालो लिखा था। शुरूआती जांच में इसे तिब्बत मुद्दे से जुड़ा विरोध माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक आत्मदाह के पीछे की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के वक्त सभी आधिकारिक बैठकें खत्म हो चुकी थीं। इसलिए यूएन के नियमित कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
चीनी शासन के विरोध में अब तक 150 से ज्यादा लोग कर चुके आत्मदाह
यह संदेश आम तौर पर तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है, जिसे फ्री तिब्बत अभियान के नाम से भी जाना जाता है। फ्री तिब्बत के अनुसार, 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बतियों ने तिब्बत पर चीनी शासन के विरोध में आत्मदाह किया है। फ्री तिब्बत आंदोलन तिब्बतियों के आत्म-निर्णय के अधिकार की बहाली और तिब्बती बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की तिब्बत वापसी की वकालत करता है।
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