नई दिल्ली. भारतीय टीम के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की कातिलाना गेंदबाजी जारी है. श्रीलंका के खिलाफ कहर ढाने के बाद उन्होंने इंग्लैंड ने भी फिरकी का जादू दिखाया है. इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में खेलते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाजी से इतिहास रच दिया. वारविकशायर की ओर से खेलते हुए सुथार ने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ मुकाबले में बिना एक भी रन दिए 3 विकेट झटके. उनकी इस गजब की गेंदबाजी ने टीम को जीत में योगदान दिया.
मानव सुथार ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू के बाद से जो विकेट लेने और रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला शुरू किया है वो लगातार जारी है. वारविकशायर की तरफ से किए गए प्रदर्शन ने 131 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला. सोफिया गार्डन्स में खेले गए डिविजन वन मुकाबले में वारविकशायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 391 रन बनाए थे. ग्लेमॉर्गन पहली पारी में महज 69 रन पर सिमट गई. फॉलोऑन खेलने पर मजबूर ही टीम की हालत दूसरी पारी में भी खराब रही और 65 रन पर ढेर हो गई. वारविकशायर ने मुकाबला एक पारी और 257 रन से अपने नाम किया.
भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने इस मैच को अपनी गेंदबाजी के और भी खास बना दिया. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वो कमाल किया जो इससे पहले कुछ ही बॉलर कर पाए हैं. मानव ने एक बेहद पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इस युवा सनसनी ने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ दोनों पारियों में विकेट चटकाए लेकिन बिना एक भी रन खर्च किए हुए. क्रिकेट इतिहास में ऐसा कारनामा अंजाम देने वाले वह दुनिया के दूसरे गेंदबाज बने. इससे पहले यह कारनामा इंग्लैंड के टॉम हेवर्ड ने 1895 में किया था. लीसेस्टरशायर की तरफ से खेलते हुए उन्होंने सरे के खिलाफ द ओवल में छह गेंद में बिना रन दिए तीन विकेट चटकाए थे. 131 साल के बाद सुथार ने भी इसी अनोखे रिकॉर्ड की बराबरी की है.

