
दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने पर भी बनी सहमति
US-Bangladesh Deals, (द भारत ख़बर), ढाका: बांग्लादेश और अमेरिका के बीच 3 बड़े समझौते हुए है। इन समझौतों के बाद बंगाल के खाड़ी रीजन में अमेरिका की मौजूदगी और प्रभाव काफी बढ़ सकता है। अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इन बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना और सैन्य जहाज कर सकेंगे।
इससे अमेरिका को हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। चिटगांव बंदरगाह भारत के अंडमान-निकोबार क्षेत्र से सिर्फ 1100 किमी दूर है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सीक्रेट जानकारी शेयर करने को लेकर भी समझौता हुआ है।
मलक्का स्ट्रेट पर मौजूदगी बढ़ाकर चीन की एक्टिविटी पर नजर रखना चाहता है अमेरिका
अमेरिका की खास नजर मलक्का स्ट्रेट पर है। यह दुनिया के सबसे जरूरी ट्रेड रूट्स में से एक माना जाता है। दुनिया का लगभग 60% समुद्री व्यापार इसी रास्ते से होता है। तेल, गैस और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई के लिए भी यह मार्ग बेहद अहम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर अमेरिका चीन की एक्टिविटी पर भी नजर रखना चाहता है।
बांग्लादेश-अमेरिका के 3 बड़े करार
- अमेरिका को बांग्लादेश के चिटगांव और मतारबाड़ी बंदरगाह इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी। अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य जहाज यहां आ-जा सकेंगे।
- दोनों देश सैन्य और सुरक्षा से जुड़ी खुफिया सूचनाएं एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे। समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा पर मिलकर निगरानी रखी जाएगी।
- बंगाल की खाड़ी और मलक्का स्ट्रेट रीजन में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने, समुद्री निगरानी और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी है।
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