
नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले में एक बार फिर से चर्चा में है. पुलिस ने बुधवार, 23 सितंबर को विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में 7278 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी. इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी और अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी ने यह आरोप पत्र पेश किया. इसे विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत में पेश किया गया है. चार्जशीट को पांच बड़े बॉक्स में भरकर कोर्ट लाया गया था.
चंपत राय, गोपाल राव आरोपी नहीं
सबसे अहम बात यह है कि चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बंसल, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव को आरोपित नहीं बनाया गया है. पुलिस ने इन तीनों के नाम को अभियोजन पक्ष के गवाहों की लिस्ट में डाला है. ट्रस्ट के पदाधिकारी रहने की वजह से मामले में ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में इनसे गवाही ली जाएगी.
आठ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट
इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार कि गए जेल में बंद आठ आरोपितों को पुलिस ने इस मामले में अभियुक्त बनाया है. चार्जशीट में कुल 133 लोगों को अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया है. इनमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव और कृष्ण मोहन के नाम भी शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि आठ आरोपितों में शामिल सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ चोरी की धारा हटाई गई है.उसके पास से चोरी की रकम बरामद नहीं हुई. इसके अलावा आरोप पत्र में आवासीय मकान से चोरी और मालिक के घर से नौकर द्वारा चोरी से संबंधित धाराएं भी हटाई गई हैं.
विवाद के बाद आरोप पत्र दिखाया
बार एसोसिएशन की ओर से 2 जुलाई को दिए गए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र को केस डायरी के पर्चा संख्या 92, 93, 94 और 95 में शामिल किया गया है. जांच के दौरान विवेचक ने कुल 101 पर्चे काटे। पुलिस ने आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई भी की थी. चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता और अन्य लोग कोर्ट परिसर में पहुंच गए. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा भी अधिवक्ताओं के साथ अदालत पहुंचे और आरोप पत्र देखने की मांग की. शुरुआत में कोर्ट ने अवलोकन की अनुमति नहीं दी, जिससे हंगामे की स्थिति बनी. हालांकि, बाद में आरोप पत्र दिखाया गया.
पूरी हुई विवेचना की प्रक्रिया
25 जून को राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इसमें अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसकी विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को सौंपी गई थी। अब इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जिससे विवेचना की प्रक्रिया पूरी हो गई है.
