
2023 में स्टालिन ने कहा था- सनातन मलेरिया जैसा, इसे मिटा दो
Udhayanidhi Stalin, (द भारत ख़बर), चेन्नई: तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गई बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी स्टालिन के तीन साल पुराने बयान को लेकर की। साल 2023 में उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए कहा था कि इसे मिटा देना चाहिए। इस बयान का काफी विरोध हुआ। भाजपा आईटी विभाग के हेड अमित मालवीय ने स्टालिन के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह बयान देश के 80% सनातन धर्म मानने वालों के खिलाफ है। हालांकि स्टालिन की डीएमके पार्टी के एक नेता ने उल्टा मालवीय के खिलाफ केस कर दिया। आरोप लगाया कि मालवीय ने स्टालिन के बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया।
भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज एफआईआर की रद्द
मालवीय ने एफआईआर के खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई। तीन साल बाद मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने अब एफआईआर को रद्द कर दिया है। जस्टिस एस श्रीमथी ने कहा कि मालवीय ने स्टालिन के बयान पर केवल प्रतिक्रिया दी थी। ऐसी प्रतिक्रिया पर केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
हाईकोर्ट बोला- प्रतिक्रिया देने वाले पर की जाती है एफआईआर दर्ज
हाईकोर्ट ने कहा कि दुख की बात यह है कि हेट स्पीच देने वाले पर कोई केस नहीं, जबकि उस पर प्रतिक्रिया देने वाले पर एफआईआर दर्ज कर दी गई।
आज की स्थिति में हेट स्पीच शुरू करने वाले बच जाते हैं और सवाल उठाने वालों को कानून का सामना करना पड़ता है।
स्टालिन का बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है
सनातन को खत्म करने जैसे शब्दों का अर्थ सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे मानने वालों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, जो हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। स्टालिन का यह बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द Sanathana Ozhippu का मतलब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाना है।
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