आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल 76 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान
Fertilizer Imports (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत एक कृषि प्रधान और विशाल देश है। एक तरफ जहां यहां की आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है वहीं देश की अर्थव्यवस्था में भी कृषि क्षेत्र का अहम योगदान है। यही कारण है कि देश के एक बहुत बड़े भूभाग पर कृषि की जाती है। वहीं दूसरी तरफ हमारा देश इस क्षेत्र में काम आने वाले रसायनों के लिए आत्मनिर्भर नहीं है। हर साल हमें जरूरी रसायन और उर्वरक विदेशों से आयात करने पड़ते हैं। विशेष तौर पर कृषि के लिए जरूरी उर्वरक हमें आयात करने पड़ रहे हैं। इसी को लेकर सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार हमें इस साल रिकॉर्ड स्तर पर यह उर्वरक आयात करने पड़ेंगे।
18 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर छू सकता है आयात
देश का उर्वरक आयात चालू वित्त वर्ष में 2024-25 के मुकाबले 76 फीसदी बढ़कर 18 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। सरकारी और उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने बुधवार को बताया, मानसून में अच्छी बारिश ने किसानों को बुवाई बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे इस साल उर्वरक की खपत पिछले वर्ष के मुकाबले कम-से-कम 5 फीसदी बढ़ सकती है।
पहले नौ माह में ही 13.98 अरब का आयात किया
एक अधिकारी ने बताया, खपत वृद्धि के कारण इस साल यूरिया और डीएपी (डायअमोनियम फॉस्फेट) के आयात में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में 13.98 अरब डॉलर का उर्वरक आयात किया गया, जो सालाना आधार पर 71 फीसदी अधिक है। आखिरी यानी मार्च तिमाही में भी बड़ी मात्रा में यूरिया और अन्य उर्वरकों के आयात होने का अनुमान है, जिसकी कीमत कम-से-कम 4 अरब डॉलर होगी।
भारत ने 2024-25 में 10.23 अरब डॉलर का उर्वरक आयात किया था। 2022-23 में इस पर रिकॉर्ड 17.21 अरब डॉलर खर्च हुआ था, जब यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण उर्वरक की वैश्विक कीमतें बढ़ गई थीं। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, किसानों ने अब तक 6.52 करोड़ हेक्टेयर में फसलों की बुवाई की है, जो पिछले साल की तुलना में 3.3 फीसदी अधिक है।
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