कहा, ये कंपनियां अब लाभकारी और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा संस्थानों में बदल रही
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ रही तेल व गैस की मांग को पूरा करने के साथ-साथ देश की तेल और गैस क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां लाभकारी और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा संस्थानों में बदल रही हैं। यह कहना है केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का। इस दौरान
मंत्री ने कहा कि तेल और गैस क्षेत्र यह दिखा रहा है कि मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और दीर्घकालिक ऊर्जा संक्रमण एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
पुरी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपोर्रेशन लिमिटेड का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी के लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि नौ महीनों की अवधि में एचपीसीएल का कर पश्चात लाभ 206 प्रतिशत बढ़कर 12,274 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 35 प्रतिशत बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये हो गया, जो बेहतर परिचालन दक्षता और वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धा के दौर में मजबूती साबित कर रही कंपनियां
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी तेल और गैस कंपनियों के बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के बीच अपनी मजबूती साबित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक उत्पादन कर रही हैं, जिससे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और मजबूत मांग का संकेत मिलता है। इसके साथ ही ईंधन और एलपीजी से होने वाली आय में स्थिर वृद्धि और कर्ज में कमी, कंपनियों की संतुलित और टिकाऊ वित्तीय रणनीति को दर्शाती है।
संतुलन और नवाचार पर आधारित ऊर्जा यात्रा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ऊर्जा यात्रा आज पैमाने और जिम्मेदारी, नवाचार और विश्वसनीयता व सुधार और परिणामों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सराकारी तेल और गैस कंपनियों न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि नई तकनीकों और स्वच्छ ईंधन को अपनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बन रहे हैं।
भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार
पुरी ने कहा कि देश की गैस और तेल कंपनियां भविष्य में उपभोक्ताओं की विशाल मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। केंद्र सरकार भी इस दिशा में इन्हें पूरा सहयोग दे रही है। हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं की मांग की पूर्ति के साथ ही इन कंपनियों के लाभ को बनाए रखना भी है। जिस दिशा में लगातार काम हो रहा है।
ये भी पढ़ें : Share Market Update : यूरोपीय बाजारों की तेजी और घरेलू मांग से बदली बाजार की चाल

