कहा- डीएमके सरकार का काउंटडाउन शुरू, एक ही परिवार की जी हजूरी में लगी है डीएमके सरकार
PM Narendra Modi, (द भारत ख़बर), तिरुवनंतपुरम: तमिलनाडु के लोग डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं। यहां पर डीएमके सरकार का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। यह कहना है पीएम नरेंद्र मोदी का। पीएम ने शुक्रवार को तमिलनाडु और केरल का दौरा किया। उन्होंने दो रैलियों को संबोधित किया। केरल के तिरुवनंतपुरम में 55 मिनट की स्पीच में पीएम ने कहा कि 1987 के पहले गुजरात में बीजेपी एक हाशिए की पार्टी थी। अखबार में दो लाइन नहीं छपती थीं।
1987 में पहली बार अहमदाबाद में नगर निगम में जीत हासिल की, वैसे ही बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम में हासिल की। यहां से केरल में भाजपा की नींव पड़ गई है। तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में पीएम ने कहा कि राज्य के लोग डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं। डीएमके सरकार का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। पीएम ने गांधी परिवार का नाम लिए बिना कहा कि तमिलनाडु सरकार बस एक परिवार की जी हुजूरी में लगी है।
एनडीए की डबल इंजन सरकार बनना तय
डीएमके ने वादे बहुत किए लेकिन काम जीरो रहा। डीएमके सरकार को लोग सीएमसी सरकार बोल रहे हैं। यानी करप्शन माफिया और क्राइम को बढ़ावा देने वाली सरकार। तमिलनाडु की जनता डीएमके को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है। यहां एनडीए की डबल इंजन सरकार बनना तय है। डीएमके में वही आगे बढ़ता है जिसके पास करप्शन रूट, एब्यूज वूमेन रूट और एब्यूज अवर कल्चर रूट हैं। यही कारण है कि डीएमके में वहीं लोग आगे बढ़ रहे हैं जिन्हें ये सब काम आते हैं। तमिलनाडु का बच्चा बच्चा जानता है कि कहां कितना करप्शन हो रहा है और ये कमाई किसकी जेब में जा रही है।
कांग्रेस राज में सिर्फ घोटाले होते थे
बीते 11 सालों में एनडीए की केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है। 2014 से पहले दिल्ली में जब कांग्रेस गठबंधन की सरकार थी। तब तमिलनाडु के विकास के लिए कम फंड दिया जाता था। पिछले 11 साल में एनडीए सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपए तमिलनाडु को दिए हैं। ये कांग्रेस सरकार की तुलना में करीब 3 गुना है। एनडीए सरकार ने तमिलनाडु के वेलफेयर के लिए करोड़ों रुपए दिए हैं। कांग्रेस गठबंधन के कार्यकाल में गरीब, एससी, एसटी, ओबीसी के वेलफेयर के नाम पर सिर्फ घोटाले होते थे।
डीएमके तमिलनाडु की संस्कृति की सबसे बड़ी दुश्मन
हम सिर्फ तमिल संस्कृति की बात नहीं करते बल्कि उसकी रक्षा के लिए काम भी करते है। भगवान मुरुगन के दीप को लेकर विवाद खड़ा किया गया तो हमारे नेताओं ने आवाज उठाई। डीएमके और उनके साथियों ने वोट बैंक को खुश करने के लिए कोर्ट को भी बदनाम किया। डीएमके तमिलनाडु की संस्कृति की सबसे बड़ी दुश्मन है। तमिलनाडु का युवा अपनी संस्कृति को सेलिब्रेट कर सके इसलिए एनडीए सरकार हर तरह उनके साथ है।

