नेगी तेहरान, रोम और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं और फारसी भाषा में दक्ष हैं
Vishvesh Negi, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: भारत सरकार ने 2002 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस अधिकारी विश्वेश नेगी को ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विश्वेश नेगी हिमाचल के किन्नौर जिले के कानम गांव के रहने वाले हैं। विश्वेश नेगी वर्तमान में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (ओशिनिया) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह तेहरान, रोम और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।
नेगी लंबे कूटनीतिक करिअर के दौरान उन्होंने तेहरान, रोम और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। ईरान में उनकी नई नियुक्ति को उनके व्यापक कूटनीतिक अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है। विश्वेश नेगी की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से किन्नौर और हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है।
पत्नी कर्नाटक कैडर की आईएएस अधिकारी हैं
नेगी और उनकी पत्नी, एम. इमकोंगला जमीर, दोनों ही सिविल सेवा के 2002 बैच के अधिकारी हैं। जहां नेगी इंडियन फॉरेन सर्विस में शामिल हुए, वहीं जमीर कर्नाटक कैडर की 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह अभी नई दिल्ली में भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह पद 24 जुलाई, 2026 को संभाला था।
नेगी ने विदेश मंत्रालय के कई अहम प्रभागों में किया काम
नेगी ने विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान-अफगानिस्तान और श्रीलंका से जुड़े प्रभागों में निदेशक, उप सचिव और अवर सचिव के तौर पर कार्य किया है। वह फारसी भाषा में भी दक्ष हैं। ईरान में राजदूत के तौर पर नई जिम्मेदारी के लिहाज से यह उनकी महत्वपूर्ण विशेषता मानी जा सकती है।
अमेरिकी विदेश नीति में भी किया डिप्लोमा
31 मार्च 1977 को जन्मे विश्वेश नेगी ने शिमला के बिशप कॉटन स्कूल में पढ़ाई की, जहां वे लेफ्रॉय हाउस के सदस्य थे और 1994 बैच का हिस्सा। विश्वेश नेगी ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधियां हासिल की हैं।
वर्ष 2008 में उन्होंने अमेरिका के जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के इलियट स्कूल आॅफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अमेरिकी विदेश नीति में डिप्लोमा किया। उनके लंबे कूटनीतिक अनुभव और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम करने की पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें ईरान में भारत के नए राजदूत की जिम्मेदारी दी गई है।
एस जयशंकर ने की थी ईरान के विदेश मंत्री से बात
इससे पहले शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के साथ बात की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी हाल में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हमले नहीं होने चाहिए। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी। एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी थी।
‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है नेगी की नियुक्ति
विश्वेश नेगी की नियुक्ति पश्चिम एशिया में अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक ईरान के साथ संबंधों को ठंडे बस्ते में नहीं डालना चाहती। कूटनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि नेगी की यह नई पारी भारत के आर्थिक और भू-राजनीतिक हितों को सुरक्षित रखने में ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है।
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