30 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था देबब्रत मोहंती
Mining Officer Arrest, (द भारत ख़बर), कटक: ओडिशा विजिलेंस ने बुधवार को कटक सर्किल के डिप्टी डायरेक्ट (माइंस) देबब्रत मोहंती के घर से 4.27 करोड़ रुपए नकद जब्त किए। मोहंती को लाइसेंसी कोयला व्यापारी से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि वह कोयला डिपो को बिना रुकावट चलाने और काम आसान करने के बदले रिश्वत ले रहा था।
यह ट्रैप आॅपरेशन ओडिशा विजिलेंस ने रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद किया था। अधिकारियों ने बताया कि मोहंती ने 2004 में 8 हजार वेतन पर जूनियर माइनिंग आॅफिसर के तौर पर सरकारी सेवा शुरू की थी। वे बोलांगीर, बारीपदा और बरहामपुर में काम कर चुके हैं और फिलहाल कटक में तैनात थे।
करेंसी काउंटिंग मशीनें लाई गई
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीमों ने मोहंती और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर छापे मारे। विभाग ने मठासाही में मोहंती के पैतृक घर और भुवनेश्वर के पाटिया इलाके वाले फ्लैट पर छापा मारा। भुवनेश्वर वाले फ्लैट से सूटकेस, ट्रॉली बैग और अलमारियों में नोटों के ढेर मिले। इसके अलावा, उसके आॅफिस से 1.20 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए। नोटों की गिनती के लिए करेंसी काउंटिंग मशीनें लाई गई।
सोना, मकान और प्लॉट भी मिले
विजिलेंस के भुवनेश्वर डिवीजन के एसपी सरोज कुमार समल ने बताया कि अब तक 4.27 करोड़ रुपए की गिनती हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि मोहंती के पास भुवनेश्वर में दो मंजिला मकान है। इसके अलावा अफसर के नाम करीब 130 ग्राम सोना और 2400 वर्गफीट का प्लॉट है, जिस पर दो मंजिला बिल्डिंग बन रही है। मोहंती के नाम 10 बैंक खाते और लॉकर भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
विजिलेंस के इतिहास का सबसे ज्यादा कैश जब्त
विजिलेंस अधिकारियों ने इसे ओडिशा विजिलेंस के इतिहास की सबसे बड़ी नगद बरामदगी बताया है। इससे पहले विजिलेंस की सबसे बड़ी नगद जब्ती 3.4 करोड़ रुपए थी, जो 7 अप्रैल 2022 को गंजाम जिले में लघु सिंचाई विभाग के एक असिस्टेंट इंजीनियर के घर से मिली थी।
2009 में भी दर्ज हो चुका है केस
एसपी समल ने बताया कि मोहंती के खिलाफ 2009 में भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ था। उस मामले की सुनवाई मयूरभंज जिला कोर्ट में अभी चल रही है।
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