पश्चिम एशिया संकट के चलते आई गिरावट, अब तक के सबसे निचले स्तर 92.16 रुपए पर हुआ बंद
Rupee falls against Dollar (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों और इसके जवाब में ईरान द्वारा किए जा रहे पश्चिम एशिया के कई देशों पर हमलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ना शुरू हो गया है। बुधवार को इसका असर भारतीय मुद्रा यानि रुपया पर साफ दिखाई दिया। ईरान संकट के चलते डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 67 पैसे टूटा और यह अपने सर्वकालिक निचले स्तर 92.16 पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संकट के बीच दुनियाभर में जोखिम का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते डॉलर सूचकांक 98 के स्तर को पार कर गया। इससे रुपये और दबाव बढ़ गया। उन्होंने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी ने भी भारतीय मुद्रा को कमजोर करने में भूमिका निभाई।
भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट
बुधवार को जहां विश्व के सभी प्रमुख बाजारों में गिरावट का दौर रहा। वहीं भारतीय शेयर बाजार में भी बुधवार को भारी गिरावट दिखाई दी। यह पश्चिम एशिया में फैली जंग का ही असर था की बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी भारतीय शेयर बाजार एक हजार से ज्यादा अंक टूटा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,122.66 अंक यानी 1.40 प्रतिशत गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 385.20 अंक या 1.55 प्रतिशत टूटकर 24,480.50 के स्तर पर आ गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गई। कौन
शेयर बाजार में मेटल के शेयर सबसे ज्यादा टूटे
बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव धातु से जुड़ी कंपनियों के शेयरों का रहा। निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा गिरने वाला समूह रहा, जिसमें करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, रियल एस्टेट, तेल और गैस, मीडिया, कमोडिटी और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। पूरे बाजार में केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़े शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह समूह मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

