Parliament Budget Session, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का मंगलवार को सातवां दिन था और इस दौरान लोकसभा के 8 सांसदों का निलंबन का फैसला वापस ले लिया गया। बता दें कि बजट सत्र के पहले चरण में तीन फरवरी को संसद के भीतर मर्यादा तार-तार करने के आरोप में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया था। इन आठ सांसदों में से एक लेफ्ट के और अन्य सात कांग्रेस के एमपी थे।
आसन की तरफ दो बार फेंके थे कागज
कुछ सांसदों ने पीठासीन स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी के आसन की तरफ दो बार कागज फेंके थे, जिसको लेकर कड़ी कार्रवाई करते हुए सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए संस्पेंड कर दिया गया। हंगामा उस समय हुआ था जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे।
मंगलवार को कांग्रेस सांसद के सुरेश ने आठों सांसदों का निलंबन रद्द करने की अपील की। उन्होंने कहा, सांसद लोकसभा की कार्यवाही में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
बोलने का समान मौका चाहता है विपक्ष
के सुरेश ने यह भी कहा कि विपक्ष बोलने का समान मौका चाहता है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने निलंबन रद्द करने की अपील का समर्थन किया और कहा कि सत्ता पक्ष को भी सदन की गरिमा कायम रखनी चाहिए। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आठों सांसदों का निलंबन निरस्त करने का प्रस्ताव लोकसभा स्पीकर के समक्ष रखा। इसके बाद ओम बिरला ने लोकसभा सांसदों की तरफ से मतदान करवाया, जिसमें निलंबन कैंसिल करने को लेकर सहमति बन गई।
शेष बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे सांसद
फिर ओम बिरला ने आठों सांसदों का नाम लेकर कहा कि सभी सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा रहा है। अब सभी सांसद संसद के शेष बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे। लोकसभा स्पीकर ने इस दौरान संसद में नियमों व मर्यादाओं का ध्यान रखने की बात पर भी जोर दिया। उन्होंने इसके साथ ही सदस्यों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। ओम बिरला ने कहा, सदन के भीतर बैनर, एआई जनित तस्वीरों और तख्तियां के इस्तेमाल की सख्त मनाही है और सदस्यों को इस बात का ध्यान रखना होगा।
जानबूझकर बाहर नहीं निकालना चाहते : रिजिजू
किरेन रिजिजू ने इससे पहले कहा कि सत्ताधारी खेमा अथवा सरकार किसी भी सांसद को सदन की कार्यवाही से जानबूझकर बाहर नहीं निकालना चाहते। उन्होंने कहा, सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। रिजिजू ने कहा, सदन के सुचारू तौर पर संचालन के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ खींची जानी चाहिए। बता दें कि तीन फरवरी को दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सांसदों ने आसन के पास हंगामा किया था। इस पर पीठासीन स्पीकर ने कहा कि स्पीकर के आसन की तरफ कागज फेंकने वाले सदस्यों के नाम दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने सभी सांसदों का नाम लेकर उन्हें सस्पेंड किए जाने को लेकर आम सहमति का प्रश्न पूछा। फिर किरेन रिजिजू ने सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
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