सबसे ज्यादा भाजपा के 27 सांसद दागी, 31 सांसद अरबपति
Rajya Sabha MPs, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने गुरुवार को राज्यसभा के 229 सांसदों की एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्यसभा के 73 सांसदों पर क्रिमिनल केस चल रहे हैं। इसमें हाल ही में चुने गए 37 सांसद भी शामिल हैं। राज्यसभा के 73 सांसदों में से 36 (16%) पर गंभीर आरोप हैं।
एक सांसद पर मर्डर का केस है। वहीं चार सांसदों पर हत्या की कोशिश और तीन पर महिलाओं से जुड़े अपराध के केस हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 31 सांसद (14%) सांसदों ने खुद को अरबपति घोषित किया है। बड़ी पार्टियों में कई सांसदों ने 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बताई है। गौरतलब है कि राज्यसभा में 245 सदस्य होते हैं।
आप के 10 सांसदों के पास 574.09 करोड़ रुपए की संपति
बीजेपी के 6, कांग्रेस के 5, YSRCP के 4, आप के 2, बीआरएस के 2, एनसीपी के 3 और अन्य दलों के 9 सांसद इस लिस्ट में हैं। एक राज्यसभा सांसद के पास औसतन करीब 120.69 करोड़ रुपए की संपत्ति है। पार्टियों के हिसाब से औसत संपत्ति अलग-अलग है। बीजेपी के 99 सांसदों के पास औसतन 28.29 करोड़, कांग्रेस के 28 सांसदों के पास 128.61 करोड़, टीएमसी के 13 सांसदों के पास 17.70 करोड़ और आप के 10 सांसदों के पास 574.09 करोड़ रुपए हैं। डीएमके के 8 सांसदों के पास औसतन 11.90 करोड़, YSRCP के 7 सांसदों के पास 522.63 करोड़, समाजवादी पार्टी के 4 सांसदों के पास 399.71 करोड़, बीजेडी के 6 सांसदों के पास 105.63 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
सांसद बंदी पार्थ सराधी के पास 5300 करोड़ रुपए की संपत्ति
सबसे ज्यादा तेलंगाना से भारत राष्ट्र समिति के सांसद बंदी पार्थ सराधी के पास ?5300 करोड़ की संपत्ति है। उनके बाद AAP के राजिंदर गुप्ता के पास ?5053 करोड़ और YSRCP के अयोध्या रामी रेड्डी के पास ?2577 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है।
सबसे कम संपत्ति आप के संत बलबीर सिंह के पास है। उनकी कुल संपत्ति करीब 3 लाख रुपए है। वहीं मणिपुर के महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा के पास करीब 5 लाख और टीएमसी के प्रकाश चिक बराइक करीब 9 लाख हैं।
40% मुख्यमंत्रियों पर क्रिमिनल केस
देश के 30 मुख्यमंत्रियों में से 12 यानी 40% मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 यानी 33 फीसदी पर हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर केस हैं। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पर सबसे ज्यादा 89 मामले दर्ज हैं।
देश के आधे सांसदों-विधायकों पर क्रिमिनल केस
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 45% विधायकों ने अपने ऊपर क्रिमिनल केस घोषित किए हैं, जबकि 29% गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। वहीं 46% सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। महिलाओं से जुड़े अपराधों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे है।
आंध्र प्रदेश का दूसरा नंबर है। केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। इस विधेयक में प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकेगा।
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