हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोहाली, पंजाब में छठे दिशा इंडियन अवार्ड में अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुरुष एवं महिलाओं को सम्मानित किया।
दिशा वूमन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर उन असंख्य संघर्षों, सपनों और संकल्पों का सम्मान करने का उत्सव है, जिन्होंने समाज को नई दिशा देने का काम किया है। दिशा इंडियन अवॉर्ड्स प्राइड ऑफ नेशन जैसा यह आयोजन उस भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो नारी शक्ति के दम पर आगे बढ़ रहा है, जो समर्पण और सेवा के मूल्यों को अपना आधार बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशा वुमन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा इस छठे संस्करण का आयोजन अत्यंत सराहनीय है। यह संस्था केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन जो पिछले 5 वर्षों से महिलाओं के साथ पुरुषों को भी सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने और समाज में योगदान को पहचान दिलाने का निरतर प्रयास कर रहा है। हमें महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में समान अवसर, सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि इस मंच पर 26 ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने महिला उत्थान के लिए सराहनीय कार्य किए हैं। ये सभी समाज के वास्तविक हीरो हैं। जिन्होंने
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का विषय है। यह हम सबकी सांझी जिम्मेदारी है, जिसमें परिवार, समाज, सरकार और हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बेटियों को बचपन से ही वह वातावरण मिले, जहां वे अपने सपनों को खुलकर जी सकें। उन्हें यह विश्वास दिलाना होगा कि वे किसी से कम नहीं हैं। जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य उज्जवल बनाती है। उन्होंने कार्यक्रम की आयोजिका हरदीप कौर को बधाई एवं शुभकामनाएं दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये की राशि महिलाओं को दिए जा रहे हैं। अब तक 5 किस्तों में 835 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। जिस प्रकार दिशा वुमन वेलफेयर ट्रस्ट महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। उसी तरह, हरियाणा सरकार ने भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 में वीटा बूथ आंबटन नीति में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग हेतु हर ब्लॉक में एक आधुनिक ग्राम हाट की स्थापना का प्रावधान भी किया है। इससे पहले 33 प्रतिशत राशन डिपो महिलाओं को दिए जा रहे हैं।
प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के नन्हें बच्चों की देखभाल के लिए विस्तृत क्रेच नीति लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इस समय प्रदेश में 845 क्रेच चल रहे हैं। इसके अलावा, 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गये हैं।
इस बजट में औद्योगिक क्षेत्रों में भी 10 आधुनिक मातृ-शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने का प्रावधान भी किया गया है। क्रैच कार्यकर्ता का मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये मासिक किया है। यह देश में सबसे अधिक हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में 3 लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा। पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाएं ड्रोन भी उड़ाएंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 500 स्वयं सहायता समूह की 5 हजार महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है।
