Noida Breaking, (द भारत ख़बर), नोएडा: यूपी की योगी सरकार ने मजदूरों के लिए भले ही वेतन बढ़ाने की घोषणा कर दी है, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नोएडा के फेज-2 में मजदूरों का प्रदर्शन आज भी जारी है। मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन शुरू किया था और अब भी इलाके में स्थिति तनावपूर्ण है। बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को इलाके में तोड़फोड़ भी की थी।
300 से ज्यादा लोग गिरफ़्तार : पुलिस
न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में आज भी मजदूर प्रदर्शन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को पुलिस के साथ झड़प के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और गाड़ियों में आग लगा दी। गौतम बुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) की पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) लक्ष्मी सिंह (Laxmi Singh) ने बताया कि इस मामले में 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
सुबह 5 बजे से रूट मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी : पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रदर्शनकारी रूट मार्च कर रहे हैं, और यूपी सरकार द्वारा बनाई गई समिति ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संबंधित पक्षों के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने कहा, सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किए जा रहे हैं। पुलिस अफसर ने कहा कि आज सुबह तीन जगह मजदूर इकट्ठा हुए थे और उनसे तुरंत बातचीत के बाद पंद्रह मिनट के अंदर उन्हें तितर-बितर कर दिया गया।
मजदूरों की समस्याओं को समझती है सरकार
लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उच्च-स्तरीय समिति ने सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत और लंबी बैठकें कर कुछ सिफारिशें की हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों की समस्याओं को समझती है, उनके प्रति सहानुभूति रखती है, और उनकी सभी समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार है। पुलिस कमिश्नर ने कहा, मैं सभी मजदूरों से अपील करता हंू कि वे अपनी फैक्टरियों में काम पर लौटें और गौतम बुद्ध नगर जिÞले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
पर्दे के पीछे संगठित गिरोह के काम करने की आशंका
पिछले दो दिन में ऐसे कई व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp groups) बनाए गए हैं, जिनमें मजदूरों को क्यूआर कोड स्कैन करके जोड़ा जा रहा है। इससे पता चलता है कि पर्दे के पीछे कोई सुनियोजित, संगठित गिरोह काम कर रहा है। पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने भीड़ में से ऐसे कुछ तत्वों की पहचान करके उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है और भविष्य में भी हम उनकी गिरफ़्तारी सुनिश्चित करेंगे। उनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी और अगर यह पाया जाता है कि उन्हें देश या राज्य के बाहर से फंडिंग मिली है तो उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सोमवार को अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं के संबंध में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ उन लोगों को भी गिरफ़्तार किया गया है जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को उकसाया था।
न्यूनतम मजदूरी में 21 प्रतिशत की वृद्धि की
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) द्वारा मंगलवार को गठित एक उच्च-स्तरीय समिति ने आज गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि कर दी। नोएडा डीएम कार्यालय के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों के लिए अंतरिम मजदूरी 11,313 रुपए से बढ़ाकर 13,690 रुपए मासिक कर दी गई है।
अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 12,445 रुपए से बढ़ाकर 15,059 रुपएऔर कुशल श्रमिकों के लिए 13,940 रुपऐ से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दी गई है। ये अंतरिम दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हैं। नगर निगम वाले जिÞलों में, अकुशल श्रमिकों के लिए मासिक मजदूरी बढ़ाकर 13,006 रुपए अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपए और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपए कर दी गई है। डीएम कार्यालय के अनुसार, अन्य जिÞलों में अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए मजदूरी बढ़ाकर क्रमश: 12,356 रुपए, 13,591 रुपए और 15,224 रुपए े कर दी गई है।
विरोध प्रदर्शनों से राजनीतिक विवाद उपजा
विरोध प्रदर्शनों ने राज्य में एक राजनीतिक विवाद को भी जन्म दे दिया है। राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा गठित एक समिति इन मुद्दों को सुलझाने के लिए श्रमिकों के साथ बातचीत कर रही है। गुप्ता ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने की साजिÞश रचने का आरोप लगाया। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है, और इस विरोध प्रदर्शन को एक साजिÞश बता रही है।
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