पश्चिमी एशिया तनाव के चलते आई तेजी, 107 डॉलर पर पहुंचे दाम
Crude Oil (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य लगातार बंद है। इसके साथ ही पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल के उत्पादन और सप्लाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जिसके चलते अंतराष्टÑीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख फिर से शुरू हो गया है। शुक्रवार को इसमें काफी ज्यादा तेजी दर्ज की गई। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (हळक) भी लगभग दो प्रतिशत की तेजी के साथ 97.6 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
एक सप्ताह में 18.83 प्रतिशत मजबूत हुआ
साप्ताहिक आधार पर देखें तो कच्चे तेल में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड पिछले शुक्रवार के मुकाबले अब तक 18.83 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जबकि हळक में करीब 17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक जोखिमों को गंभीरता से ले रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में तेल का रुझान सतर्क तेजी वाला बना हुआ है। कीमतों के लिए 99 डॉलर तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके ऊपर मजबूती टिकने पर ब्रेंट 104.50 डॉलर से 110 डॉलर तक जा सकता है। वहीं गिरावट की स्थिति में 95 डॉलर पहला अहम सपोर्ट है, जबकि 90.80 से 88.50 डॉलर मजबूत आधार माना जा रहा है।
भारत में आपूर्ति बिना बाधा जारी
भारत में पेट्रोल और डीजल की किसी तरह की किल्लत के बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ इंकार किया है। पेट्रोल और डीजल की घरेलू आपूर्ति बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चल रही है। घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति भी बिना किसी बाधा के हो रही है। वाणिज्यिक क्षेत्र में अभी भी कुछ समस्याएं हैं, लेकिन सरकार ने धीरे-धीरे वहां आपूर्ति बढ़ाकर लगभग 70% कर दी है।
उद्योगों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कोयला और केरोसिन जैसे अतिरिक्त ईंधनों की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन (सीएनजी) के लिए 100% है, और ग्रिड पर औद्योगिक उपयोगकतार्ओं के लिए लगभग 80% है। सरकार ने हर स्तर पर जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए कदम उठाए हैं।’
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