कहा, मौजूदा वैश्विक चुनौतियों में इस तरह की ग्रोथ रेट किसी उपलब्धि से कम नहीं
India GDP Growth Rate (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : दुनिया में इस समय बड़े स्तर पर संघर्ष चल रहे हैं। कई देशों में युद्ध की स्थिति है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसके अलावा टैरिफ और संरक्षणवादी नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में भारत जैसे बड़े देश में 6.6 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हासिल करना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। यह कहना है नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत का भारत की सोच कार्यक्रम के दौरान अपने विचार साझा कर रहे थे।
विश्व के सामने वर्तमान की मुख्य चुनौतियां
अमिताभ कांत का कहना है कि दुनिया इस समय युद्ध, बढ़ती तेल कीमतों, टूटती सप्लाई चेन और संरक्षणवाद जैसी समस्याओं से जूझ रही है, फिर भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। भारत की सोच कार्यक्रम के दौरान बातचीत में अमिताभ कांत ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां असाधारण हैं और ऐसे समय में 6.6% ग्रोथ हासिल करना भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में जो संरचनात्मक सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश किए हैं, उनका फायदा आने वाले दशकों में मिलेगा। उनका मानना है कि हालात सामान्य होने पर भारत की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की तरफ तेजी से बढ़ रहा भारत
अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम करना होगा। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बड़े स्तर पर निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, आॅफशोर विंड और कंसंट्रेटेड सोलर पावर जैसे क्षेत्रों में मिशन मोड में काम करना चाहिए। साथ ही बिजली और ईवी सेक्टर के लिए स्टोरेज क्षमता बढ़ाना भी जरूरी है।
देश की जीडीपी पर तेल की कीमतों का असर
कांत ने माना कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर भारत पर पड़ रहा है क्योंकि देश बड़ी मात्रा में जीवाश्म ईंधन आयात करता है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ डालने के बजाय इन झटकों को खुद संभालने का फैसला किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया में शांति बहाल होने और युद्ध खत्म होने पर तेल कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे महंगाई का दबाव भी कम होगा। अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने सेमीकंडक्टर पीएलआई योजना को सबसे परिवर्तनकारी योजनाओं में से एक बताया।

