
दावा- ईरान को 28 लाख करोड़ का रीकंस्ट्रक्शन फंड देगा अमेरिका
Iran US War Ceasefire, (द भारत ख़बर), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौता होने पर ईरान को 300 अरब डॉलर (करीब 28.5 लाख करोड़ रुपए) का फंड दिया जा सकता है। साथ ही अमेरिकी कंपनियों को ईरान में निवेश की अनुमति भी मिल सकती है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम बताया है। उनका कहना है कि अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान को यह आर्थिक सहायता देने का वादा किया जाएगा।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि दोनों देश परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के करीब हैं। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और उसके पास मौजूद संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम को खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि फिलहाल परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं चल रही है।
ट्रम्प पर विश्वासघात करने का आरोप
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसिन रेजाई ने ट्रम्प पर कूटनीति (डिप्लोमेसी) से तीसरी बार विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
रेजाई ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, समुद्री नाकेबंदी जारी रखकर और बातचीत में जरूरत से ज्यादा मांगें रखकर ट्रम्प ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका झुकाव बातचीत की तरफ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प बातचीत के बजाय किसी दूसरे मकसद को आगे बढ़ा रहे हैं।
ईरान से कोई भी समझौता अच्छा होगा
वहीं, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के साथ समझौते को लेकर धैर्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं और उनका मानना है कि कोई भी डील अच्छी डील होगी।
सिंगापुर में एक कार्यक्रम के दौरान हेगसेथ ने कहा कि ट्रम्प ऐसा समझौता चाहते हैं, जिससे ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने बताया कि, राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर सहमति नहीं बनाता, तो सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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