
2022 के बाद दूसरी बार टूटी शिवसेना
Shiv Sena Crisis Controversy, (द भारत ख़बर), मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ी हलचल देखने को मिली है। सोमवार 22 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद आधिकारिक रूप से पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। एकनाथ शिंदे ने इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने की पुष्टि की। शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले सांसदों में संजय जाधव, संजय पाटिल, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर और ओमप्रकाश निंबालकर शामिल हैं।
इन सांसदों के जाने से उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका माना जा रहा है। लोकसभा में पार्टी के कुल नौ सांसद थे, जिनमें से अब छह सांसद शिंदे गुट के साथ चले गए हैं। 6 सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। वहीं उद्धव गुट में 9 में से सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। 2022 के बाद शिवसेना में दूसरी बार टूट हुई। वहीं, पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी।
हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए
बागी सांसदों ने पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले पर बैठक की। इसके बाद बागी सांसदों ने शिंदे के साथ प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी बदलने का ऐलान किया। इस दौरान शिंदे ने कहा, जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब छक्के लग चुके हैं। हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए।
पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की वफादारी बिकाऊ
उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातोंरात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया।
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