दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अवैध कब्जों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करने वाला प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दक्षिण दिल्ली के चिराग दिल्ली नाले के किनारे, वेनू अस्पताल के पीछे कथित तौर पर नई झुग्गी तेजी से खड़ी की जा रही हैं। इतना ही नहीं, मौके पर पशु भी बांधे जा रहे हैं, जिससे इलाके में गंदगी और अतिक्रमण दोनों लगातार बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कुछ अस्थायी झुग्गियां जल्द ही स्थायी बस्ती का रूप ले सकती हैं, जिसके बाद इन्हें हटाना और भी मुश्किल हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि नाले के किनारे लगातार झुग्गी बनाई जा रही हैं और खुले स्थानों पर पशु बांधने का काम भी शुरू हो गया है। इससे न केवल गंदगी फैलने का खतरा बढ़ गया है, बल्कि बरसात के मौसम में नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। दिल्ली में पहले भी नालों पर हुए अतिक्रमण को जलभराव की बड़ी वजह माना जाता रहा है और विभिन्न इलाकों में ऐसे अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब राजधानी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने के लिए कई एजेंसियां जिम्मेदार हैं, तो चिराग दिल्ली नाले के किनारे यह नया अतिक्रमण आखिर किसकी नजर से बच रहा है? क्या संबंधित अधिकारी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं या फिर शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण करे, अवैध झुग्गी और अतिक्रमण पर कार्रवाई करे और नाले के किनारे दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
